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दिल्ली का विकास जारी: प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 5.31 लाख रुपये तक पहुंचने की संभावना

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंगलवार को अपनी सरकार का दूसरा बजट पेश करेंगी। इससे पहले सोमवार को उन्होंने विधानसभा के पटल पर वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण रखा।

इसके आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है। वर्ष 2024-25 की तुलना में इस वित्त वर्ष में दिल्ली के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 9.42 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। यह वर्तमान कीमतों पर 13,27,055 तक पहुंच सकती है। अर्थव्यवस्था का विकास होने से लोगों की आमदनी भी बढ़ रही है।

यही कारण है कि वर्तमान वित्त वर्ष में प्रति व्यक्ति आय पिछले वर्ष की तुलना में 7.92 प्रतिशत वृद्धि के साथ 5,31,610 रुपये तक पहुंचने की संभावना है। यह राष्ट्रीय औसत से लगभग ढाई गुना अधिक है। मुख्यमंत्री का कहना है कि उनकी सरकार दिल्ली को विश्व स्तरीय बनाने के लिए काम कर रही है।

2024-25 की तुलना में बढ़ी रकम

दिल्ली सरकार का वर्तमान वित्त वर्ष के लिए एक लाख करोड़ रुपये का बजट है। इसमें से 59,300 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार की परियोजनाओं, योजनाओं व कार्यक्रमों के लिए आवंटित किए गए हैं। यह वर्ष 2024-25 की तुलना में 20,300 करोड़ रुपये अधिक है।

पिछले वर्ष की तुलना में कर संग्रह में 15.54 प्रतिशत की वृद्धि दर्शायी गई है। कारोबार व रोजगार के अवसर बढ़ने से लोगों की आमदनी बढ़ रही है। यहां की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र (व्यापार, होटल, रेस्तरां, आइटी आदि) का है। इसका वर्तमान कीमतों पर सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में योगदान 86.32 प्रतिशत है।

राजकोषीय घाटा 13,703 करोड़ रुपये हो गया

इस रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली ने अपना राजस्व अधिशेष (रेवेन्यू सरप्लस) लगातार बनाए रखा है। वर्तमान वित्त वर्ष के लिए अनुमानित राजस्व अधिशेष 9661.31 करोड़ रुपये है। यह जीएसडीपी का 0.73 प्रतिशत है। सरकार ने राजस्व अधिशेष तो बनाए रखा है लेकिन, राजकोषीय घाटा 13,703 करोड़ रुपये हो गया है। इसका मुख्य कारण पूंजीगत व्यय में 145 प्रतिशत की वृद्धि है। वर्ष 2024-25 में यह 11,485 करोड़ रुपये था जिसे बढ़ाकर इस वित्त वर्ष में 28,115 करोड़ रुपये कर दिया गया।

सामाजिक सुरक्षा पर ध्यान

आर्थिक विकास के साथ ही सरकार ने कमजोर वर्गों का भी ध्यान रखा है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार लगभग 4.40 लाख बुजुर्गों, 4.09 लाख वंचित महिलाओं और 1.40 लाख दिव्यांगों को सरकार द्वारा मासिक वित्तीय सहायता दी जा रही है।

वहीं, 60 से 69 वर्ष आयु के बुजुर्गों को प्रति माह दो हजार रुपये और इससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को ढाई हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। वंचित महिलाओं और दिव्यांगों को भी प्रति माह ढाई हजार रुपये की सहायता मिलती है। यह आंकड़ा बताता है कि दिल्ली का विकास मानवीय संवेदनाओं से भी जुड़ा है।

आर्थिक सर्वेक्षण के प्रमुख तथ्य

  • व्यय बजट का 68.7 प्रतिशत स्वयं के कर राजस्व से प्राप्त किया
  • कुल कर राजस्व में से 71.3 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर से, 10.2 प्रतिशत उत्पाद शुल्क से, 13.1 प्रतिशत स्टांप शुल्क से और 5.4 प्रतिशत मोटर वाहन से आने की संभावना।
  • 1953 उचित मूल्य की दुकानों से पिछले वित्त वर्ष तक 17.18 लाख आधार सक्षम डिजिटल खाद्य सुरक्षा कार्ड के माध्यम से 72.21 लाख लाभार्थियों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।
  • दिल्ली सरकार के अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या वर्ष 2020 में 12464 से बढ़कर दिसंबर, 2025 में 15659 हो गई।
  • दिल्ली में प्रति एक हजार व्यक्तियों पर अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या वर्ष 2015-16 में 2.73 से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 2.84 हो गई।
  • 19 मार्च तक दिल्ली में सड़कों पर मोटर वाहनों की कुल संख्या 87.61 लाख है, जो 2024-25 की तुलना में 7.93 प्रतिशत अधिक है।

दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय का विवरण

देश में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि पिछले वर्ष की तुलना में 6.9 प्रतिशत और दिल्ली में 7.92 प्रतिशत।

वित्त वर्ष-प्रति व्यक्ति आय (रुपये)

वित्त वर्ष प्रति व्यक्ति आय (₹)
2011-12 1,85,001
2012-13 2,05,568
2013-14 2,27,900
2014-15 2,47,209
2015-16 2,70,261
2016-17 2,95,558
2017-18 3,18,323
2018-19 3,38,730
2019-20 3,55,798
2020-21 3,22,311
2021-22 3,70,824
2022-23 4,17,207
2023-24 4,57,708
2024-25 4,92,592
2025-26 5,31,610

वर्तमान मूल्य पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद का विवरण वित्त वर्ष-जीएसडीपी (करोड़ रुपये)

वित्त वर्ष जीएसडीपी (करोड़ रुपये)
2011-12 3,43,798
2012-13 3,91,388
2013-14 4,43,960
2014-15 4,94,803
2015-16 5,50,804
2016-17 6,16,085
2017-18 6,77,900
2018-19 7,38,389
2019-20 7,92,911
2020-21 7,44,277
2021-22 8,70,627
2022-23 10,00,023
2023-24 11,13,646
2024-25 12,12,851
2025-26 13,27,055

कर राजस्व और जीएसडीपी में- इसकी- हिस्सेदारी (प्रतिशत) का विवरण वित्त वर्ष- कर राजस्व (करोड़ रुपये) – जीएसडीपी का प्रतिशत

वित्त वर्ष कर राजस्व (करोड़ रुपये) जीएसडीपी का प्रतिशत
2014-15 26,604 5.38%
2015-16 30,225 5.49%
2016-17 31,140 5.05%
2017-18 35,717 5.27%
2018-19 36,625 4.96%
2019-20 36,566 4.61%
2020-21 29,425 3.95%
2021-22 40,019 4.60%
2022-23 47,363 4.74%
2023-24 53,681 4.82%
2024-25 59,458 4.90%
2025-26 68,700 5.18%

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