यमुनापार विकास के लिए दिल्ली बजट में 300 करोड़ का विशेष प्राविधान
पूर्वी दिल्ली। दिल्ली सरकार के बजट 2026-27 ने यमुनापार इलाके के लोगों में विकास की नई उम्मीद जगा दी है। लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे इस क्षेत्र के लिए तीन सौ करोड़ का विशेष प्रविधान किया गया है, जिससे पार्किंग, ड्रेनेज और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की बात कही जा रही है।
पिछले दिनों ही दिल्ली सरकार ने यमुनापार के विकास के लिए यमुनापार विकास बोर्ड को 718 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। इस राशि से यमुनापार के विभिन्न इलाकों में सड़कों व नाली-सीवर जैसी मूलभूत जरूरतों को बेहतर बनाने का काम शुरू किया जा चुका है।
अब बजट में और तीन सौ करोड़ का प्रविधान किया गया है। ऐसे में अब लोगों को उम्मीद है कि अब मूलभूत सुविधाओं के साथ ही पार्किंग, सड़कों पर लगने वाले जाम और प्रदूषण जैसी समस्याओं से निजात मिल सकेगी।
मल्टीलेवल पार्किंग से लेकर एलिवेटिड रोड तक पर होगा काम: लवली
यमुना पार विकास बोर्ड के अध्यक्ष अरविंद सिंह लवली ने बताया कि इस बजट का मुख्य उद्देश्य इलाके की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान करना है। सबसे पहले उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां पार्किंग की गंभीर समस्या है। लक्ष्मी नगर, गांधी नगर समेत अन्य इलाकों में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कराया जाना है, जिसके लिए जमीन चिह्नित किए जाने से लेकर फिजिबिलिटी सर्वे तक किया जाएगा।
इससे सड़कों पर अवैध पार्किंग कम होगी और जाम और अव्यवस्था को कम किया जा सकेगा। यमुनापार में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिन इलाकों में नालों की स्थिति खराब है या जहां अक्सर पानी भर जाता है, वहां नए ड्रेनेज का निर्माण और पुराने सिस्टम का पुनर्विकास किया जाएगा
एलिवेटिड रोड के बनने की जगी आस
अरविंदर सिंह लवली ने बताया कि केशव चौक से पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र तक नाले के ऊपर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना को फोकस में रखकर काम आगे बढ़ाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से इलाके में ट्रैफिक की समस्या में काफी राहत मिलने की उम्मीद है और कनेक्टिविटी बेहतर होगी। अभी इसका प्रस्ताव और सर्वे अटका है, इसमें तेजी लाई जाएगी।
कांग्रेस बोली- ऊंट के मुंह में जीरा है यह राशि
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक विपिन शर्मा ने कहा कि पचास लाख से अधिक की आबादी वाले यमुनापार के लिए सिर्फ तीन सौ करोड़ रुपये का प्रविधान ऊंट के मुंह में जीरे जैसा है। सरकार ने यमुनापार के लोगों के साथ मजाक किया है। इतनी राशि तो एक-दो विधानसभा क्षेत्रों के विकास पर खर्च की जानी चाहिए। पिछले दिनों 718 करोड़ आवंटन की घोषणा हुई थी, उसका पता नहीं चला कहां गए। हालात तो पहले जैसे खराब बने हैं। कांग्रेस सरकार के दौरान जो विकास हुआ वैसा अब संभव नहीं लगता।
