दिल्ली सरकार ने पेश किया 1 लाख करोड़ का ग्रीन बजट, महिलाओं और पर्यावरण पर खास जोर
नई दिल्ली। ट्रिपल इंजन सरकार के रथ पर सवार रेखा गुप्ता सरकार ने अपने कार्यकाल के दूसरे बजट में एक लाख करोड़ से अधिक के बजटीय प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए दिल्ली के विकास की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की है। साथ ही इसे ग्रीन बजट बताते हुए इसका 21 प्रतिशत से अधिक पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं के लिए आवंटित किया है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तुत एक लाख, तीन हजार 700 करोड़ के ग्रीन बजट में से 22,236 करोड़ रुपये राजधानी को हरित दिल्ली के रूप में विकसित करने पर खर्च किए जाएंगे। हरित विकास के साथ ही बजट में आधारभूत ढांचा मजबूत करने पर जोर देते हुए तेज विकास करने को प्रमुखता दी गई है।
वहीं, सभी को स्वच्छ पेयजल, लोगों को आसानी से उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं, कौशल विकास से भविष्य निर्माण, महिलाओं समेत समाज के हर वर्ग का सशक्तीकरण, जाममुक्त दिल्ली, बेहतर परिवहन सेवा, भ्रष्टाचार रहित जवाबदेह प्रशासन, नवाचार से रोजगार सृजन व आधुनिकता के साथ विरासत को संजोने के प्रयासों पर भी जोर दिया गया है।
विपक्ष के बहिष्कार के बीच विधानसभा में बजट पेश
आप के चार विधायकों का निलंबन वापस न लेने के विरोध में विपक्ष के बहिष्कार के बीच मंगलवार को विधानसभा सदन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी सरकार का बजट प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ, हरित व सशक्त दिल्ली सिर्फ वादा नहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी है। जहां हर नागरिक का सम्मान और हर सपने का उत्थान होगा। दिल्ली को सिर्फ ईंट-पत्थरों का नगर नहीं, हरियाली व अवसरों का शहर बनाने पर काम हो रहा है।
बीते समय में भ्रष्टाचार, अदूरदर्शिता और मुफ्त सुविधाओं की संस्कृति से वृद्धि दर प्रभावित हुई है। यही कारण है कि वर्ष 2018 से 2020 के बीच विकास की गति रुकी हुई थी, लेकिन आज दिल्ली एक निर्णायक परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। अब नीतियां केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम देती हैं। आज दिल्ली ट्रिपल इंजन की शक्ति से तेज गति से दौड़ रही है।
प्रकृति के साथ ही प्रगति है, इसे सरकार भलीभांति समझती है और बजट में भी इसका ध्यान रखा गया है। विश्व के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में दिल्ली की गिनती होती है। इस कलंक को दूर करने के लिए बजट में कदम उठाए गए हैं।
ड्रोन नीति बनाकर ग्रीन रोजगार को बढ़ावा देने की घोषणा
बजट प्रस्तावों में वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के उद्देश्य से नई सड़कें और फ्लाईओवर के निर्माण से लेकर, पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था, स्वच्छता, धूल नियंत्रण, ठोस व ई कचरा निस्तारण और स्वच्छ ऊर्जा के लिए बजट में धनराशि आवंटित की गई है। साथ ही सेमी कंडक्टर और ड्रोन नीति बनाकर ग्रीन रोजगार को बढ़ावा देने की घोषणा की गई है।
बजट में सरकार ने सभी वर्गों को साधने का प्रयास किया है। साथ ही राजधानी की महिलाओं को भी यह दिखाने का प्रयास किया है कि दिल्ली की महिला मुख्यमंत्री महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए प्रयासरत हैं और उनकी सुरक्षा के लिए चिंतित हैं। चुनावी घोषणा महिला समृद्धि योजना के लिए 5100 करोड़ का आवंटन करते हुए रेखा ने कहा कि पात्र महिलाओं को 2500 रुपये मिलने लगेंगे, इस योजना के रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल जल्द खोला जाएगा।
लखपति बिटिया योजना के लिए 128 करोड़ का प्रावधान
लखपति बिटिया योजना के लिए 128 करोड़ का प्रावधान किया गया है। हुनरमंद महिलाओं के लिए रानी हाट बनाने के साथ ही एक हजार महिलाओं को ई-ऑटो के परमिट दिए जाएंगे। महिला सुरक्षा के लिए 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ ही पुराने सीसीटीवी कैमरों की एएमसी दी जाएगी और एलईडी लाइटें लगाकर सड़कों पर डार्क स्पाट खत्म किए जाएंगे।
नौवीं कक्षा में आने वाली एक लाख 30 हजार छात्राओं को साइकिल व दसवीं कक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटाप देने की भी घोषणा की गई है। दिल्ली के नवजात शिशुओं को आनुवांशिक रोगों से बचाने के लिए अनमोल योजना शुरू करने की घोषणा की गई है, जिसमें एक बूंद खून से उनकी 56 प्रकार की निश्शुल्क जांच होगी।
130 करोड़ रुपये खर्च कर वन क्षेत्र का विकास
केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली में विकास की गति को तेज करने के लिए इस बजट में आधारभूत ढांचे के विकास, महिला सशक्तीकरण, पेयजल आपूर्ति, यमुना की सफाई, समावेशी विकास सहित 10 क्षेत्रों पर जोर दिया गया है। प्रदूषण नियंत्रण और आपातकालीन उपाय योजना की घोषणा की गई है। पर्यावरण और वन क्षेत्रों के लिए पिछले वर्ष के 505 करोड़ की तुलना में इस बार 822 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 130 करोड़ रुपये खर्च कर वन क्षेत्र का विकास होगा और दिल्ली में देसी प्रजाति के पेड़ लगेंगे।
वाहनों से होने वाले प्रदूषण के समाधान के लिए देश की सबसे बड़ी ईवी नीति लाने की घोषणा की गई है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है। साथ ही धूल नियंत्रण के लिए 750 किलोमीटर सड़कों की वाल टू वाल कारपेंटिंग करने की घोषणा की गई है। साथ ही अगले एक वर्ष में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 5800 और वर्ष 2029 तक 12 हजार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मेट्रो के लिए बजट में 2885 करोड़ रुपये का प्रावधान
मेट्रो के चरण चार व पांच के लिए बजट में 2885 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। दिल्ली सरकार ने दिल्ली-एसएनबी शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़ और दिल्ली-सोनीपत-पानीपत नमो ट्रेन को मंजूरी दे दी है। बजट में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के लिए 568 करोड़ का प्रविधान किया गया है। पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा। दिल्ली के बड़े नालों सोलर पैनल लगाने की भी घोषणा की गई है।
