दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कमी: केवल 20% आपूर्ति उपलब्ध, प्राथमिकता के आधार पर वितरण नीति लागू
नई दिल्ली। राजधानी में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती किल्लत को देखते हुए दिल्ली के खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने एक नई वितरण नीति जारी की है। केंद्र सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के बाद लागू की गई इस नीति का मुख्य उद्देश्य सीमित आपूर्ति के बीच आवश्यक सेवाओं को सुचारू रूप से चालू रखना और कालाबाजारी पर लगाम लगाना है।
सिर्फ 20 प्रतिशत आपूर्ति ही होगी उपलब्ध
जारी आदेश के अनुसार, दिल्ली में तेल विपणन कंपनियों द्वारा की जाने वाली औसत दैनिक बिक्री (लगभग 9000 सिलेंडर) का केवल 20 प्रतिशत (करीब 1800 सिलेंडर) ही वर्तमान में विनियमित वितरण के लिए उपलब्ध होगा। इस कोटे को तीनों प्रमुख कंपनियों – आइओसी (58 प्रतिशत), बीपीसीएल (27 प्रतिशत) और एचपीसीएल (15 प्रतिशत) के बीच उनकी बाजार हिस्सेदारी के आधार पर विभाजित किया गया है।
प्राथमिकता के आधार पर होगा वितरण
सरकार ने उपभोक्ताओं को आठ श्रेणियों में बांटकर प्राथमिकता तय की है। सबसे महत्वपूर्ण ”प्रायोरिटी-1” श्रेणी में शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, रेलवे और हवाई अड्डों को रखा गया है। इनकी अनिवार्य आवश्यकता को देखते हुए इन्हें मांग का 100 प्रतिशत कोटा आवंटित किया जाएगा।
अन्य श्रेणियों के लिए कोटा इस प्रकार तय किया गया है:
- सरकारी विभाग और कैंटीन: 13 प्रतिशत
- रेस्टोरेंट और भोजनालय: 42 प्रतिशत
- होटल और गेस्ट हाउस: 4 प्रतिशत
- डेयरी, बेकरी और मिठाई की दुकानें: 11 प्रतिशत
- कैटरर्स और बैंक्वेट हाल: 9 प्रतिशत
- फार्मास्युटिकल और पैकेजिंग इकाइयां: 1 प्रतिशत
- खेल सुविधाएं व अन्य: 8 प्रतिशत
जमाखोरी रोकने के लिए कड़े नियम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सिलेंडरों की आपूर्ति मुख्य रूप से 19 किलोग्राम वाले प्रारूप में ही होगी और 5 किलोग्राम वाले सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल नहीं की जाएगी। किसी भी तरह की जमाखोरी रोकने के लिए पिछले तीन महीनों की औसत खपत के आधार पर ही बुकिंग स्वीकार की जाएगी। आपूर्ति ”पहले आओ-पहले पाओ” आधार पर होगी।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर नजर रखने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग, दिल्ली पुलिस और विधिक माप विज्ञान विभाग की संयुक्त प्रवर्तन टीमें गठित की गई हैं। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने जनता से अपील की है कि वे घबराकर बुकिंग न करें और जहां संभव हो, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों जैसे इंडक्शन कुकिंग, स्टीम कुकिंग या पीएनजी का उपयोग करें। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार रोजाना सप्लाई बुलेटिन भी जारी करेगी।
