एलपीजी संकट के बीच अटल कैंटीन में भोजन करने वालों की संख्या में 10% तक उछाल
बाहरी दिल्ली। एलपीजी संकट के दौर में पिछले तीन दिन से अटल कैंटीन में खाना खाने वालों की संख्या में उछाल देखने को मिला है। बाहरी दिल्ली क्षेत्र की कई कैंटीन में खाना खाने के लिए पहुंचने वालों की संख्या में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इस कारण, कई जगहों पर निर्धारित समय से पहले खाना खत्म होने की बात भी सामने आ रही है। कैंटीन प्रबंधकों का कहना है कि भोजन करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है, फिर भी वे सभी को खाना परोसने की कोशिश कर रहे हैं।
कई कैंटीन में लगी कतारें
रसोई गैस की कमी के बीच दैनिक जागरण ने करीब आधा दर्जन अटल कैंटीन का दौरा किया। अधिकतर जगह लोगों की कतार देखने को मिलीं। शुक्रवार मध्याह्न 12:40 बजे मंगोलपुरी एम-ब्लाक स्थित अटल कैंटीन के बाहर लोग टोकन के लिए कतार में खड़े नजर आए।
कैंटीन प्रबधंक कुलविंद्र सिंह ने बताया कि आमतौर पर यहां प्रतिदिन साढ़े छह सौ से सात के बीच लोग भोजन करते रहे हैं, लेकिन अब दो दिन के भीतर 70 से 100 लोग बढ़ गए हैं।
इसी तरह मंगोलपुरी में जी-ब्लाक स्थित अटल कैंटीन में भी भोजन के लिए आने वाले लोगों की संख्या पिछले दो-तीन दिन में लगभग 10 प्रतिशत बढ़ी है। कुलविंद्र सिंह ने बताया कि कैंटीन में खाना नहीं बनाया जाता है, उनके यहां खाना रणहौला से बनकर आता है।
कुछ जगह समय से पहले खत्म हो रहा खाना
बाहरी रिंग रोड पर हैदरपुर गांव के पास संचालित अटल कैंटीन में दोपहर ढाई बजे पहली शिफ्ट का काम खत्म होने के बाद सफाई की जा रही थी। यहां के कैंटीन कर्मचारी ने बताया कि खाना बाहर से बनकर आता है, इसलिए रसोई गैस की कमी का यहां कोई असर नहीं है।
खाना पहले भी बनकर आता था और आज भी आ रहा है। लेकिन, पिछले कुछ दिनों से कैंटीन में आने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। इस कारण, कभी-कभार समय से पहले खाना खत्म हो जाता है।
अन्य कैंटीन में अभी नहीं पड़ा असर
राजेंद्र नगर के इंद्रपुरी स्थित बुध नगर के बी-ब्लाक में बने अटल कैंटीन में कार्यरत कर्मचारी अजय शर्मा ने बताया कि एलपीजी संकट का प्रभाव अभी नहीं पड़ रहा है। यहां आने वाले लोगों को पहले की तरह ही दो वक्त का खाना दिया जा रहा है।
भोजन की मात्रा और मेन्यू भी लोगों को पूरा परोसा जा रहा है। नारायण इंडस्ट्रियल एरिया के शिवाजी पार्क में बने अटल कैंटीन में भी लोगों को पूरा भोजन दिया जा रहा है। अभी एलपीजी संकट का कैंटीन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
वे मंगोलपुरी जी-ब्लाक अटल कैंटीन में काफी समय से खाना खाने आते हैं। एक-दो दिन से कैंटीन में आने वालों की संख्या बढ़ी है। रसोई गैस की कमी के बाद ज्यादा संख्या में लोग खाना खाने आने लगे हैं। इस वजह से कई बार समय से पहले खाना खत्म हो जाता है।
– महेश, मंगोलपुरी जी-ब्लाॅक
मंगोलपुरी जी-ब्लाक कैंटीन में खाने को लेकर कभी कोई दिक्कत नहीं रही। अब दो-तीन दिन से संख्या बढ़ने के बाद अंतिम समय में आने वाले लोगों को खाने की कमी का सामना करना पड़ता है।
– आशु, मंगोलपुरी जी-ब्लाॅक
