नोएडा स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, हजारों बायर्स को बड़ी राहत
नोएडा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नोएडा प्राधिकरण ने स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में सेक्टर-150 स्थित एससी 02 भूखंड का संशोधित मानचित्र स्वीकृत करने का बोर्ड में प्रस्ताव पास किया था। अब प्रस्ताव के आधार पर बिल्डर को कुल बकाया की 20 प्रतिशत राशि प्राधिकरण खाते में जमा करानी होगी।
यही नहीं प्राधिकरण संशोधित मानचित्र स्वीकृत करने साथ ही कुल फ्लैट के लिए कंप्लीशन देने में 20 प्रतिशत फ्लैट बंधक भी अपने पास रखेंगा। इसके बाद संशोधित मानचित्र को स्वीकृत प्रदान करेगा। यह निर्णय लेकर प्राधिकरण के नियोजन विभाग में काम शुरू कर दिया गया है।
13 लाख वर्गमीटर में फैली परियोजना के शुरू होने का रास्ता साफ
बता दें कि प्राधिकरण ने सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के एससी-02 प्लॉट पर लगी रोक को हटा दिया है। करीब 13 लाख वर्गमीटर में फैली इस परियोजना के दोबारा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। इससे लंबे समय से इंतजार कर रहे हजारों फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मामले में शर्तो के आधार के आधार निवारण किया जा रहा है।
इसे आगामी बोर्ड में ले प्रस्ताव के रूप में रखा जाएगा। स्पोर्ट्स सिटी का यह एससी-02 भूखंड सेक्टर-150 में स्थित है और इसे कुल 24 डिवीजन में विभाजित किया गया है। प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में यह फैसला लिया है। इसके तहत अब बिल्डर की ओर से जमा किए जाने वाले लेआउट प्लान और बिल्डिंग नक्शों को कंडीशनल मंजूरी दी जाएगी। हालांकि इसके लिए प्राधिकरण ने कुछ महत्वपूर्ण शर्तें तय की हैं।
कुल देनदारी का 20 प्रतिशत पहले जमा करना होगा
सबसे प्रमुख शर्त यह है कि संबंधित बिल्डर को परियोजना पर बकाया कुल देनदारी का कम से कम 20 प्रतिशत हिस्सा पहले जमा करना होगा। यह राशि जमा होने के बाद ही प्राधिकरण लेआउट प्लान और भवन मानचित्र को स्वीकृत करने की मंजूरी देगा। तभी इस व्यवस्था से परियोजना को वित्तीय रूप से सुरक्षित बनाते हुए निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा सकेगा। इसके साथ ही प्राधिकरण ने खरीदारों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए एक और महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की है।
हजारों बायर्स को मिलेगी राहत राहत
स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के पूरा होने तक इसमें शामिल सभी सब-लीज यानी विभिन्न डेवलपर्स की परियेाजनाओं के 20 प्रतिशत फ्लैट या अन्य इनवेंट्री को नोएडा प्राधिकरण अपने पास बंधक के रूप में रखेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परियोजना का निर्माण कार्य समय पर पूरा हो और खरीदारों के साथ किसी तरह की धोखाधड़ी या देरी न हो।
प्राधिकरण अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल ने बताया कि जब स्पोर्ट्स सिटी परियोजना का पूरा विकास कार्य पूरा हो जाएगा, तब यह बंधक रखी गई इनवेंट्री संबंधित डेवलपर्स को वापस कर दी जाएगी। इस व्यवस्था से प्राधिकरण को परियोजना की प्रगति पर नियंत्रण बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। इस फैसले से स्पोर्ट्स सिटी से जुड़े हजारों बायर्स को राहत मिलने की उम्मीद है।
