ग्रेटर नोएडा में नवजात बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, नर्स रंगे हाथ गिरफ्तार”
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में नवजात बच्चों को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। शनिवार को बिसरख कोतवाली क्षेत्र में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, बाल कल्याण समिति और पुलिस की संयुक्त टीम ने 10 दिन की नवजात बच्ची का एक व्यक्ति से सौदा करने वाली नवजीवन अस्पताल की नर्स को रंगे हाथ दबोच लिया।
नवजीवन अस्पताल की मालकिन व एक अन्य की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बच्ची का 2.65 लाख रुपये में सौदा किया था।
बच्ची के सौदा होने की दी जानकारी
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के अधिकारियों के मुताबिक, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर नोएडा के व्यक्ति ने संपर्क कर बच्ची के सौदा होने की जानकारी दी थी। अधिकारियों के बुलाने पर शुक्रवार को व्यक्ति बच्ची को गोद लेने से संबंधित कानूनी जानकारी लेने पहुंचे।
बताया कि एक बच्ची को गोद लेने के संबंध में सोशल मीडिया पर सूचना वायरल की थी। बिसरख क्षेत्र में संचालित नवजीवन अस्पताल की नर्स ने उनसे संपर्क कर बच्ची उपलब्ध कराने की हामी भरी है। बच्ची को देने की एवज में 2.65 लाख रुपये मांगे हैं।
रंगे हाथ पकड़ने के लिए बनाई योजना
अधिकारियों को आरोपियों द्वारा बच्चों की अवैध तरीके से बिक्री का संदेह हुआ। संबंधित व्यक्ति के सहयोग से आरोपितों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए योजना बनाई। कहा कि सौदा तय करें और बच्ची की सुपुर्दगी का समय व स्थान पूछें।
नर्स ने उन्हें शनिवार शाम चार बजे बिसरख क्षेत्र के कुलेसरा में संचालित नवजीवन अस्पताल से कुछ दूरी पर बुलाया था। तीनों विभाग की संयुक्त टीम दोपहर दो बजे सादे कपड़ों में पहुंचीं। करीब चार बजे नर्स बच्ची को लेकर उक्त व्यक्ति के पास पहुंची तो टीम ने बच्ची समेत दबोच लिया।
वहीं, जांच में पता चला कि बच्ची की डिलीवरी से संबंधित स्टीकर आदि नवजीवन अस्पताल के लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में नवजीवन अस्पताल की मालकिन व एक नर्स समेत तीन की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
पूर्व में भी कई बच्चे बेचने की आशंका
सूत्रों का कहना है कि आशंका है कि आरोपितों ने पूर्व में भी बच्चे बेचे होंगे। अस्पताल की मालकिन से बच्ची के माता-पिता का नाम पता मांगा है। पिछले कुछ साल में हुई डिलीवरी से संबंधित रजिस्टर भी खंगाल रहे हैं। पूर्व में डिलीवरी कराने वाले कुछ दंपती से भी संपर्क किया जाएगा।
सीडब्ल्यूसी ने बच्ची को संरक्षण में लिया
नवजात बच्ची को बाल कल्याण समिति ने अपनी सुपुर्दगी में लिया है। बच्ची के माता-पिता की पहचान कर 23 मार्च को सीडब्ल्यूसी के सामने बुलाया जाएगा। उनसे बच्ची के बेचने के कारणों की जानकारी लेंगे कि बच्ची को सहमति से बेच रहे थे, या अन्य किसी कारण से। बच्ची के माता-पिता होने का दावा करने वालों का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा।
संयुक्त टीमों ने बच्ची समेत एक नर्स को रंगे हाथ पकड़ा है। नवजीवन अस्पताल की मालकिन व एक अन्य की संलिप्तता सामने आई है। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उनके बयानों की जांच में मिले तथ्यों के आधार पर जिन आरोपितों के नाम सामने आएंगे। सीडब्ल्यूसी की तरफ से तहरीर लेकर उन आरोपितों पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। – पवन कुमार, एसीपी
ऐसी कोई घटना संज्ञान में नहीं है। अस्पताल में डिलिवरी कराकर बच्चा बेचने के संबंध में लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। – प्रबंधन, नवजीवन अस्पताल
