ग्रेटर नोएडा में तनाव: वकीलों की हड़ताल से ठप हुई अदालत की कार्यवाही
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर जिला न्यायालय में सोमवार को वकीलों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन करते हुए न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप कर दिया। बार एसोसिएशन का आरोप है कि बिसरख पुलिस ने एक अधिवक्ता के घर में घुसकर न केवल उनके परिवार के साथ अभद्रता की, बल्कि वकील को जबरन हिरासत में लेकर थाने में उनके साथ मारपीट भी की। वकीलों का गुस्सा इस कदर भड़का कि उन्होंने कोर्ट परिसर से पुलिसकर्मियों को बाहर खदेड़ दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। तनाव बढ़ता देख प्रशासन ने चार पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित कर दिया है, लेकिन वकील दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
घटनाक्रम के अनुसार, पुलिस दो दिन पहले एक अपहरण के मामले में वकील के भाई की तलाश करने उनके घर पहुंची थी। आरोप है कि भाई के घर न मिलने पर पुलिसकर्मियों ने आपा खो दिया और अधिवक्ता व उनके परिजनों से बदसलूकी की। इसके बाद वकील को थाने ले जाकर भाई का पता बताने के लिए दबाव बनाया गया और कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया। रविवार को जब इस बात की भनक बार एसोसिएशन को लगी, तो वकीलों ने कोतवाली का घेराव किया, जिसके बाद अधिवक्ता को रिहा किया गया। वकीलों का तर्क है कि बिना किसी ठोस आधार के एक पेशेवर अधिवक्ता को हिरासत में लेना और उनके साथ दुर्व्यवहार करना कानून का खुला उल्लंघन है।
वकीलों की हड़ताल और धरने के कारण सूरजपुर कोर्ट में सोमवार को सुनवाई का काम पूरी तरह प्रभावित रहा, जिससे वादकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वकीलों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे केवल निलंबन की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे। कोर्ट परिसर में सुरक्षा और तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी वकीलों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो यह प्रदर्शन और उग्र रूप ले सकता है।
