नोएडा एयरपोर्ट से अब सीधे ताजमहल, चारधाम और बौद्ध सर्किट तक आसान पहुंच
ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश का ग्रेटर नोएडा में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि उत्तर भारत के पर्यटन और धार्मिक यात्राओं के लिए एक बड़ा ‘कनेक्टिविटी हब’ बनने जा रहा है। यह परियोजना देश के प्रमुख आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को एक साथ जोड़ते हुए यात्रियों के सफर को आसान और आरामदायक बनाएगी।
धार्मिक यात्राओं के लिए बदलेगा सफर का अनुभव
एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों को लंबी वेटिंग और थकाऊ यात्रा से राहत मिलेगी। यहां से अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज और कुशीनगर जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों के लिए सीधी उड़ानें मिलेंगी। वहीं ताजमहल, ब्रज क्षेत्र और चारधाम यात्रा जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंच पहले से कहीं अधिक सरल हो जाएगी।
फ्लाइट के साथ मजबूत बस कनेक्टिविटी का नेटवर्क
जिन शहरों में एयरपोर्ट नहीं है, वहां के लिए विशेष बस सेवा की व्यवस्था की गई है। इसके लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड सरकारों के साथ एमओयू किया गया है। एयरपोर्ट से देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा, वृंदावन, मेरठ, आगरा और अलीगढ़ जैसे शहरों के लिए प्रीमियम और वातानुकूलित बसें चलाई जाएंगी।
यात्रियों को नोएडा एयरपोर्ट से ही सीधा कनेक्शन मिलेगा, जिससे उनका सफर और भी सुविधाजनक हो जाएगा।
बौद्ध सर्किट और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को बड़ा लाभ
इस एयरपोर्ट के जरिए श्रावस्ती, कपिलवस्तु और कुशीनगर जैसे बौद्ध तीर्थ स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भारत के बौद्ध सर्किट तक पहुंचने में बड़ी सुविधा मिलेगी और पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।
देश के कई बड़े शहरों से जुड़ेगा एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अमृतसर, जम्मू, धर्मशाला, गया और देहरादून जैसे शहरों के लिए भी फ्लाइट सेवाएं प्रस्तावित हैं। वहीं राजस्थान के जयपुर, भरतपुर और धौलपुर को भी बस कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है।
राज्यों के साथ समझौते से मजबूत होगी व्यवस्था
एयरपोर्ट संचालन करने वाली यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. ने कई राज्यों के परिवहन विभागों के साथ समझौते किए हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड के साथ एमओयू के तहत इंटरस्टेट बस सेवाएं शुरू की जाएंगी।
उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग मेरठ, आगरा, मथुरा, वृंदावन, फिरोजाबाद, अलीगढ़ और अन्य शहरों के लिए विशेष बसें चलाएगा, जबकि उत्तराखंड में देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और हल्द्वानी तक सीधी सेवा मिलेगी।
अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस नई कनेक्टिविटी का असर केवल यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। होटल इंडस्ट्री, स्थानीय व्यापार और पर्यटन से जुड़े रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
वर्ल्ड क्लास यात्रा का वादा
एयरपोर्ट प्रबंधन का दावा है कि यहां से चलने वाली सभी बसें प्रीमियम और वातानुकूलित होंगी, ताकि घरेलू और विदेशी पर्यटकों को विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव मिल सके।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सीईओ क्रिस्टोफ श्लेमैन के अनुसार, राज्यों के साथ हुए समझौते इस कनेक्टिविटी को और मजबूत करेंगे। वहीं नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि यह मॉडल यात्रियों को निर्बाध और आरामदायक सफर का अनुभव देगा।
