SEBI ने 18 एंटिटीज पर लगाया ₹2.8 करोड़ का जुर्माना, 5 साल के लिए किया बैन
नई दिल्ली: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने शेयर बाजार में पारदर्शिता और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए एक कड़ा कदम उठाया है. मार्केट रेगुलेटर ने ‘रेट्रो ग्रीन रिवोल्यूशन लिमिटेड’ के शेयरों में हेरफेर करने के मामले में 18 संस्थाओं पर कुल 2.8 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है. इसके साथ ही, इन सभी को 5 साल तक के लिए शेयर बाजार से प्रतिबंधित कर दिया गया है.
क्या था पूरा मामला?
SEBI की जांच में यह सामने आया कि सितंबर 2020 से दिसंबर 2021 के बीच इन संस्थाओं ने मिलकर एक सुनियोजित साजिश रची थी. इस साजिश का मुख्य उद्देश्य RGRL जैसे कम कारोबार वाले (Illiquid) शेयर की कीमत को कृत्रिम रूप से बढ़ाना था.
जांच के अनुसार, इस हेरफेर के पीछे संजय अरुणकुमार चोकसी और उनके समूह (चोकसी ग्रुप) का मुख्य हाथ था. हालांकि चोकसी आधिकारिक तौर पर कंपनी के प्रमोटर नहीं थे, लेकिन जांच में पाया गया कि कंपनी के सभी वैधानिक भुगतान उनके निजी खातों से किए जा रहे थे, जिससे साबित हुआ कि कंपनी पर उनका पूरा नियंत्रण था.
टेलीग्राम का गलत इस्तेमाल
इस घोटाले का सबसे चौंकाने वाला पहलू ‘टेलीग्राम’ का इस्तेमाल था. आरोपियों ने एक टेलीग्राम चैनल के जरिए भोली-भाली जनता को इस शेयर में निवेश करने की फर्जी सलाह और टिप्स दिए. जब आम निवेशकों ने भारी मात्रा में शेयर खरीदना शुरू किया और कीमत बढ़ गई, तो इन संस्थाओं ने ऊंचे दामों पर अपने शेयर बेचकर लगभग 2.94 करोड़ रुपये का अवैध मुनाफा कमाया.
SEBI का सख्त फैसला
सेबी के न्यायिक अधिकारी संतोष शुक्ला द्वारा पारित 61 पन्नों के आदेश में निम्नलिखित निर्देश दिए गए हैं:
- भारी जुर्माना: 18 संस्थाओं पर 5 लाख से 50 लाख रुपये के बीच अलग-अलग जुर्माना लगाया गया है, जो कुल मिलाकर 2.8 करोड़ रुपये है.
- अवैध कमाई की वापसी: 15 संस्थाओं को 2.94 करोड़ रुपये का अवैध लाभ, 12% वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया गया है. यह राशि SEBI के ‘इन्वेस्टर प्रोटेक्शन एंड एजुकेशन फंड’ में जमा होगी.
- बाजार से बाहर: सभी दोषियों को 5 साल तक शेयर खरीदने, बेचने या किसी भी तरह से बाजार से जुड़ने पर रोक लगा दी गई है.
SEBI की यह कार्रवाई सोशल मीडिया के जरिए स्टॉक टिप्स देने वाले ‘फिनफ्लुएंसर’ और जालसाजों के लिए एक बड़ी चेतावनी है. निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी सोशल मीडिया चैनल पर मिलने वाली अनधिकृत टिप्स के आधार पर निवेश न करें और हमेशा पंजीकृत वित्तीय सलाहकारों की मदद लें.
