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बकरी चराने गई थी मासूम, अगली सुबह खेत में दफन मिली लाश

उत्तर प्रदेश के बिधनू क्षेत्र में सोमवार शाम बकरी चराने गई 11 वर्षीय बच्ची की हत्या कर शव गेहूं के खेत में दफना दिया गया। मंगलवार सुबह परिजन ग्रामीणों के साथ तलाश करते हुए खेत पहुंचे तो गीली मिट्टी का ढेर देख संदेह हुआ। मिट्टी हटाने पर बच्ची का हाथ दिखा। पुलिस की मौजूदगी में खुदाई कराई गई, जिसमें बच्ची का नग्न शव बरामद हुआ।

परिजनों का आरोप है कि बच्ची के नाजुक अंगों पर खून के निशान मिले हैं, जिससे रेप के बाद हत्या की आशंका है। पुलिस ने गांव के तीन भाइयों सनी, आशीष और कमल के खिलाफ अपहरण व हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। दो को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि सनी फरार है।

परिजनों के अनुसार, बच्ची सोमवार शाम करीब चार बजे छोटी बहन के साथ बकरियां चराने गई थी। देर शाम तक घर न लौटने पर साढ़े छह बजे गुमशुदगी दर्ज कराई गई। अपर पुलिस आयुक्त डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि हत्या के बाद शव को खेत में दफनाया गया। गुमशुदगी की रिपोर्ट को हत्या-अपहरण में तरमीम किया गया है। डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी संग पोस्टमार्टम किया, जिसमें गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। रेप की पुष्टि के लिए स्लाइड जांच को भेजी गई हैं।

बक्से में मिला आरोपी

बिधनू में बकरी चराने गई 11 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर दरिंदगी के बाद हत्या के मामले में परिजन शुरुआत से ही पड़ोसी कमल पर शक जता रहे थे। परिजन सोमवार रात करीब 10 बजे कमल के घर भी पहुंचे थे। हालांकि कमल के परिजनों ने पूरा घर दिखाया लेकिन ताला बंद बड़ा बक्सा नहीं दिखाया था। सुबह जब बच्ची का शव मिला तो पुलिस को लेकर परिजन दोबारा कमल के घर पहुंचे। यहां कमल के कपड़े टंगे थे, जिस पर कीचड़ और मिट्टी लगी थी। मोहल्ले के लोगों ने भी बताया कि कमल दिन में यही कपड़े पहने था। इसके बाद पुलिस ने खोजी कुत्तों को कपड़े सुंघाए और घटनास्थल पर ले गए। इसके बाद कुत्ता दोबारा कमल के घर पहुंचा। यहां बंद बक्सा पुलिस ने खुलवाया तो अंदर कमल मिल गया। इसके बाद पुलिस ने अपहरण और हत्या में रिपोर्ट दर्ज कर कमल, उसके भाइयों सनी और आशीष पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। कमल और आषीश के साथ ही पिता गणेश और मां-बहन को हिरासत में ले लिया।

जिस खेत में किशोरी को दफन किया गया, वहां की मिट्टी गीली थी। इसी के चलते आरोपी ज्यादा गहरा गड्ढा नहीं खोद सके। इसी वजह से मामूली खुदाई में ही बच्ची का हाथ नजर आ गया था। घटना स्थल के हालात भी बयां कर रहे थे कि शव को कुछ देर पहले ही गाड़ा गया है। बच्ची के शव पर कपड़े न मिलने पर पुलिस भी सन्न रह गई। इधर शव मिलते ही ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। पुलिस कपड़ा मंगवाकर शव पर लपेटकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने लगी तो लोगों ने घेर लिया। हटाने में पुलिस से धक्कामुक्की हुई। इस पर पुलिसकर्मी गोद में शव लेकर भागने लगे, तो लोग पीछे दौड़ने लगे।

ताऊ बोले, कमल ने बच्ची से पीपल के पत्ते घर दे आने को कहा था

मृत बच्ची के ताऊ ने डीसीपी को बताया कि सोमवार शाम को खेत पर थे। इसी दौरान उनकी 11 वर्षीय और आठ वर्षीय भतीजी बकरियां चराने के लिए आ गईं। दोनों पेड़ की छांव में खेल रहीं थीं। तभी वहां 28 वर्षीय कमल नशे की हालत में आया और भतीजी से कहा कि मेरे घर में बकरियों के लिए कुछ पीपल के पत्ते दे आओ। इस पर बड़ी भतीजी पत्ते लेकर उसके घर देने चली गई। इसके बाद वह भी पीछे से चला गया। तभी से भतीजी लापता थी।

हत्या की सूचना पर अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ. विपिन ताडा, डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी, एडीसीपी योगेश कुमार, एसीपी घाटमपुर कृष्ण कांत यादव व सर्किल का फोर्स मौके पर पहुंच गया। इस दौरान विपिन ताडा 11 वर्षीय बच्ची को युवती कहते रहे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि आपका अपना अखबार हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

घर फूंकने की थी तैयारी दो कंपनी पीएसी तैनात

बच्ची का शव मिलने के बाद ग्रामीणों में रोष फैल गया। सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष आरोपित के घर के सामने जमा हो गए। मामला बढ़ता देख सर्किल का फोर्स मौके पर पहुंच चुका था। ग्रामीण घर फूंक देने की साजिश बना रहे थे। हालांकि पुलिस ने सभी को समझाकर शांत कराया। बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने में जमा रहे। ग्रामीणों में गम और गुस्से को देखते हुई गांव में हंगामे की आशंका बनी है। इस वजह से पीएसी की दो कंपनी तैनात कर दी गई हैं। गांव के हर व्यक्ति के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

जिसके खेत में दफनाया शव, उससे चल रही रंजिश

बच्ची का जिस खेत में शव दफनाया, वह गांव के उमाकांत का है। इस पर पुलिस ने उमाकांत को भी पूछताछ के लिए उठाया। हालांकि इस दौरान सामने आया कि उमाकांत और कमल के पिता गणेश की रंजिश चलती है। इसलिए हत्यारोपित ने उसके खेत में शव दफनाया ताकि खेत मालिक को हत्यारा मान लिया जाए।

दोनों परिवारों में पहले भी हो चुका है विवाद

11 वर्षीय बच्ची के पिता मजदूर हैं। दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं, जबकि कमल के पिता गणेश के गांव में दो मकान और खेत भी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ साल पहले गणेश ने बच्ची के पिता पर खेत से यूके लिप्टिस के पेड़ काटकर बेचने का आरोप लगाया था। दो साल पहले आरोपित के बड़े भाई पर बच्ची की बड़ी बहन को भगा ले जाने का भी आरोप लगा है।

क्या बोली पुलिस

डीसीपी साउथ दीपेंद्रनाथ चौधरी ने कहा कि पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ बच्ची के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। शव बरामद होने के बाद आरोपित कमल और उसके दो भाइयों आशीष, शनि को नामजद कर धाराएं बढ़ाई हैं।

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