नोएडा में बड़ी राहत: नया अथॉरिटी भवन अप्रैल में होगा शुरू
नोएडा अथॉरिटी के नए प्रशासनिक कार्यालय का उद्घाटन अप्रैल में होने जा रहा है। सेक्टर-96 स्थित नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। नए प्रशासनिक कार्यालय की बिल्डिंग से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि अथॉरिटी के अलग-अलग विभागों के दफ्तर अब एक ही छत के नीचे होंगे। यानी लोगों को अब अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय एक ही बिल्डिंग के नीच सभी दफ्तरों की सुविधाएं मिलेंगी जिससे समय और पैसा दोनों की बचत होगी।
अधिकारियों ने बताया कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर स्थित यह कार्यालय विभिन्न सेक्टरों और आसपास के क्षेत्रों से बेहतर कनेक्टिविटी मुहैया करवाएगा। नोएडा अथॉरिटी के महाप्रबंधक एसपी सिंह ने बताया कि ‘हमने नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य और फिनिशिंग का काम भी पूरा कर लिया है। हमें उम्मीद है कि अगले महीने बिल्डिंग आम जनत के लिए खोल दी जाएगी। बिल्डिंग को खोलने के बाद अलग-अलग विभागों के दफ्तरों को यहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस बिल्डिंग के जरिए आम लोगों को बेहतरीन सेवाएं मिलेंगी।’
लोगों को बहुत मदद मिलेगी
गौतम बुद्ध नगर जिला विकास रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एनपी सिंह ने कहा वर्तमान में अथॉरिटी का मुख्य कार्यालय सेक्टर 6 में है, बागवानी विभाग सेक्टर 39 में और जल विभाग सेक्टर 5 से संचालित होता है। एक बार जब नया कार्यालय काम करना शुरू कर देगा, तो इससे लोगों को बहुत मदद मिलेगी।
मौजूदा कार्यालय में जगह की कमी
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक सेक्टर 6 में स्थित अथॉरिटी का मुख्य कार्यालय में जगह की कमी है और वाहनों की पार्किंग के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं। इस वजह से लोग अपनी कार और बाइक को रोड पर पार्क कर देते हैं जिससे भीड़भाड़ की स्थिति बनी रहती है। कार्यालय का निर्माण कार्य 5 जनवरी, 2016 को शुरू हुआ था और इसके पूरा होने की डेडलाइन 2 जनवरी, 2019 तय की गई थी। हालांकि, कोविड-19 महामारी और कॉन्ट्रैक्टर से जुड़े मुद्दों के वजह से इसमें देरी हुई। पुराने कॉन्ट्रैक्टर ने काम पूरा नहीं किया तो बाकी बचे हुए निर्माण कार्य के लिए दूसरे कॉन्ट्रैक्टर को काम सौंपा गया था।
स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट भी करवाया गया
प्रोजेक्ट में देरी के दौरान अथॉरिटी ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली से स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराने के भी निर्देश दिए थे। दिसंबर 2024 में सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में, इंस्टीट्यूट ने दीवारों, बीम और खंभों जैसे संरचनात्मक तत्वों में खामियों की ओर इशारा किया था और कुछ उपाय भी सुझाए थे। अधिकारियों ने कहा कि सुझाए गए बदलावों को शामिल कर लिया गया था।
