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नगर निगमों में बढ़ा सत्ता पक्ष का संख्या बल, मनोनीत पार्षदों की सूची जारी

लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मनोनीत होने वाले पार्षदों का ऐलान सोमवार को कर दिया गया। पार्षदों के चयन में जहां सामाजिक समीकरण साधने पर पार्टी का जोर रहा। नगर निगमों में सर्वाधिक 10-10, नगर पालिका परिषद में पांच-पांच और नगर पंचायतों में तीन-तीन सदस्य नामित किए गए हैं। नगर विकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के आधार पर नामित सदस्यों को निकायों में सदस्यता ग्रहण कराई जाएगी। इसके बाद वे सदन की कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे।

लखनऊ में इन्हें बनाया गया पार्षद

लखनऊ में गणेश वर्मा (हैदरगंज, दीपू जायसवाल (विनयखंड), रूपचंद्र अग्रवाल (मुरलीनगर), पंकज बोस (रवींद्रपल्ली), किशन पाल (अतरौली ए गुडंबा) संतोष बलखंडी (दौदा खेड़ा), नेहा सिंह (सैनिक नगर), अखिलेश गिरी (विकास नगर), मधुबाला (विरामखंड), पुरुषोत्तम गिरि (समराही रोड सआदतगंज) शामिल हैं।

अवध क्षेत्र के सभी निकायों में सदस्य नामित

राज्य सरकार ने अवध के सभी जिलों के नगर निकायों में सदस्य नामित कर दिए हैं। गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती आदि जिलों के नगर पालिका परिषदों में पांच-पांच सदस्य नामित किए गए हैं। प्रमुख सचिव नगर विकास ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।

रुदौली में प्रमोद द्विवेदी, श्रीकृष्ण लोधी, शिव कुमारी रावत, पूनम गुप्ता व राजकिशोर सिंह, भिनगा श्रावस्ती में सरिता सिंह, ज्ञान प्रकाश , अश्वनी मौर्य, राकेश साहू और अरविंद गुप्ता,कर्नेलगंज गोंडा में भूपेंद्र सिंह सलूजा, ओम प्रकाश गौतम, मधु वर्मा, मुकेश चंद्र खेतान व शिवशंकर भट्ट, नवाबगंज में चंदन श्रीवास्तव, कन्हैया कौशल, कृष्ण गोपाल, आशीष कुमार तिवारी व वीरेंद्र कुमार गुप्ता को नामित किया गया है। गोंडा नगर पालिका में मनीष द्विवेदी, संदीप कुमार पांडेय, अनामिका चौधरी, रामगोपाल साहू, उमेश सिंह, बहराइच में नितिन रूपानी, सुनील श्रीवास्तव, रीती निगम, बैजनाथ रस्तोगी, विपिन यज्ञसैनी आदि शामिल हैं।

वाराणसी में तीन साल बाद नाम तय

वाराणसी में नगर निगम सदन के गठन के तीन साल बाद नामित पार्षदों के नाम तय किए गए हैं। वाराणसी नगर निगम में कमलेश पाल, रमाशंकर सिंह पटेल, संजीव चौरसिया, संतोष सोलापुरकर, मनोज यादव, कृष्ण कुमार कनौजिया, अंकुर मेहरोत्रा, मुन्ना सरोज, सत्यनारायण साहनी और डॉ. सुधीर कुमार त्रिपाठी को पार्षद बनाया गया है।

वहीं, शासन से नामित पार्षदों की सूची आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में असंतोष दिखने लगा है। वाराणसी में शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से एक भी नाम नहीं आने पर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। हालांकि किसी ने खुलकर टिप्पणी नहीं की।

संतोष सोलापुरकर ने हरिश्चंद्र डिग्री कॉलेज से एमकॉम. की डिग्री ली है। वह काशी क्षेत्र में मीडिया विभाग के सह संयोजक हैं। चंदुआ छित्तूपुर निवासी मुन्ना सरोज पेशे से व्यापारी हैं। वह 35 साल से भाजपा से जुड़े हैं। कैंट मंडल के मंत्री हैं। साकेत नगर निवासी संजीव चौरसिया भाजपा के सह क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी हैं। वह आरएसएस स्वयंसेवक हैं। बीएचयू से एलएलबी की पढ़ाई की। प्रहलादघाट निवासी डॉ.सुधीर कुमार त्रिपाठी ने काशी विद्यापीठ से दर्शनशास्त्र में पीएचडी की है।

भगवानपुर निवासी रमाशंकर पटेल 1992 से भाजपा से जुड़े हुए हैं। जिला किसान मोर्चा के महामंत्री रह चुके हैं। राजमंदिर निवासी मनोज यादव सन् 1989 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े। सन् 1991 में वह भाजपा के वार्ड अध्यक्ष बने। कंदवा निवासी कमलेश पाल भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष हैं। कर्णघंटा निवासी अंकुर मेहरोत्रा व्यापारी हैं। बिरदोपुर के कृष्ण कनौजिया 1989 से भाजपा से जुड़े हैं। अगस्तकुंडा निवासी सत्यनारायण साहनी तन्ना 12 साल से भाजपा से जुड़े हैं। पेशे से नाविक हैं।

वाराणसी के गंगापुर नगर पंचायत के सभासद

शासन ने वाराणसी के मात्र एक नगर पंचायत गंगापुर के नामित सभासदों की घोषणा की है जिसमें वार्ड नंबर एक (गांधीनगर) के सभासद पप्पू जायसवाल, वार्ड नंबर छह के दिनेश शर्मा और वार्ड नंबर नौ के कमलेश गुप्ता का नाम शामिल है। बता दें कि नगर पंचायत में कुल 10 वार्ड हैं।

आगरा में इन्हें बनाया गया पार्षद

आगरा में संजय राय (दिल्ली गेट), अमित अग्रवाल पारुल (कमला नगर), सुषमा जैन (आवास विकास कॉलोनी), जितेंद्र सविता (बड़ा उखर्रा), सुनील कर्मचंदानी (जोगीपाड़ा), पंकज सिकरवार (नाव की सराय), धर्मवीर सिंह सिकरवार (गैलाना), नितीश भारद्वाज (दहतोरा रोड), हरिओम बघेल (छलेसर), राहुल वाल्मीकि (ईदगाह) हैं।

जातियों को साधने में गड़बड़ा गया क्षेत्रीय संतुलन, निष्ठा को वरीयता

आगरा नगर निगम में पार्षदों की कुल संख्या 100 से बढ़कर 110 हो गई है। सरकार द्वारा जारी सूची में सामाजिक विविधता का विशेष ध्यान रखा गया है। बोर्ड में समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए एक महिला पार्षद को मौका दिया गया है, साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अनुसूचित जाति (एससी) के कार्यकर्ताओं को भी स्थान मिला है। माना जा रहा है कि आगामी चुनाव और स्थानीय राजनीति को देखते हुए भाजपा ने अपने कोर वोट बैंक और जातीय समीकरणों को मजबूती प्रदान करने के लिए यह कदम उठाया है।

पार्षदों की इस सूची ने शहर की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। जहां एक ओर एत्मादपुर और शहर की अन्य विधानसभाओं को साधने का प्रयास किया गया है, वहीं क्षेत्रीय वितरण ने संगठन के भीतर ही कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर विधानसभा क्षेत्र से पांच पार्षदों के नाम शामिल होने पर जहां वहां के कार्यकर्ता उत्साहित हैं, वहीं दक्षिण विधानसभा से केवल एक ही पार्षद को जगह मिलने पर भाजपा संगठन से जुड़े लोग आश्चर्यचकित हैं। राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इन नियुक्तियों के बाद अब नगर निगम के आगामी सदन की कार्यवाही में सत्ता पक्ष का संख्या बल और अधिक मजबूत दिखाई देगा।

हार के बाद भी मिला मौका

सूची में शामिल धर्मवीर सिंह सिकरवार खंदारी (वार्ड 33) क्षेत्र से पिछला चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद उन्हें नामित पार्षद के रूप में मौका दिया है।

टिकट कटने पर इस बार मिला पारितोषिक

इन मनोनीत पार्षदों के शामिल होने के साथ ही नगर निगम में कुल पार्षदों की संख्या बढ़कर 110 हो गई है। संजय राय और सुषमा जैन पिछले सदन (मेयर नवीन जैन) के निर्वाचित सदस्य रह चुके हैं। संजय राय दिल्ली गेट क्षेत्र से पार्षद थे लेकिन पिछले चुनाव में उनका टिकट कट गया था। इसी तरह सुषमा जैन का भी पिछले चुनाव में टिकट नहीं मिला था, जिसके बाद अब उन्हें मनोनयन के जरिए नगर निगम में दोबारा स्थान दिया गया है।

आगरा उत्तर क्षेत्र का अधिक प्रतिनिधित्व

मनोनीत किए गए पार्षदों में संजय राय, सुषमा जैन, अमित अग्रवाल पारुल, धर्मवीर सिंह सिकरवार और नितीश भारद्वाज आगरा उत्तर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। इससे नगर निगम की राजनीति में आगरा उत्तर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व और प्रभाव बढ़ेगा। एत्मादपुर विधानसभा से दो, दक्षिण विधानसभा से एक और आगरा कैंट से दो पार्षदों को स्थान मिला है।

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