नोएडा में विदेश नौकरी के नाम पर ठगी, 6 आरोपी गिरफ्तार
नोएडा। सेक्टर-113 थाना पुलिस ने देश-विदेश में पानी जहाज पर हेल्पर, फिटर, बावर्ची और इलेक्ट्रिशियन की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
आरोपित पिछले पांच महीनों से सेक्टर-73 स्थित एंथूरियम बिजनेस पार्क में कार्यालय खोलकर लोगों को ठग रहे थे। पुलिस के अनुसार गिरोह अब तक 350 से अधिक लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है।
संदिग्धों का पीछा कर पुलिस पहुंची कॉल सेंटर तक
सेक्टर-113 थाना पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी। चेकिंग के दौरान सेक्टर-73 स्थित महादेव अपार्टमेंट के पास दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही दोनों एंथूरियम बिजनेस पार्क में घुस गए।
शक होने पर पुलिस ने उनका पीछा किया और आठवीं मंजिल पर मैसर्स रिक्रूट सर्विस नाम से संचालित कार्यालय से दो संदिग्धों के साथ चार युवतियों को भी पकड़ लिया।
गिरोह का सरगना बीकॉम पास युवक
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हापुड़ गढ़ के इंद्रानगर निवासी सरीम खान, गाजियाबाद मोदीनगर के शकूरपुर गांव के शोएब खान, नोएडा के मामूरा गांव की रितिका, छिजारसी गांव की खुशी उर्फ खुशबू, मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र के श्याम नगर की मंतशा अब्बासी और दिल्ली के शाहीन बाग की फातिमा के रूप में हुई है।
एसीपी राकेश प्रताप सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि बीकॉम पास सरीम खान गिरोह का सरगना है। उसने अपने साथी आकाश के साथ मिलकर करीब 50 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर जगह लेकर कॉल सेंटर शुरू किया था।
इंटरनेट मीडिया पर देते थे नौकरी का लालच
आरोपित इंटरनेट मीडिया पर “वी आर हायरिंग फॉर क्रूज जॉब” के नाम से प्रचार करते थे। विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों से मंतशा और खुशी बातचीत करती थीं।
इसके बाद शोएब, रितिका और फातिमा पीड़ितों का पंजीकरण कराते और उनसे फीस जमा कराते थे।
10 हजार से 1 लाख रुपये तक वसूलते थे
नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपित पीड़ितों से 10 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक बंधन और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के खातों में जमा कराते थे।
पैसे लेने के बाद कुछ दिन तक पीड़ितों को टालते रहते और बाद में उन्हें ब्लॉक कर देते थे। इसके बाद इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड भी तोड़कर फेंक देते थे।
कॉल सेंटर बदलने की तैयारी में थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक गिरोह नोएडा में जगह बदल-बदलकर करीब एक साल से सक्रिय था और जल्द ही दूसरी जगह शिफ्ट होने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
भारी मात्रा में सामान बरामद
थाना प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि आरोपितों के पास से पांच मॉनिटर, पांच सीपीयू, पांच कीबोर्ड, चार माउस, एक लैपटॉप, एक राउटर, दो चेकबुक, दो सिम कार्ड, एक एटीएम कार्ड, सात मोबाइल फोन, 20 डायरी, एक बड़ा रजिस्टर और 44 फोटोस्टेट दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस फरार आरोपी आकाश समेत अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
