ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो विस्तार को झटका, DPR खारिज होने पर फूटा लोगों का गुस्सा
नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए मेट्रो विस्तार की योजना डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) खारिज होने से एक बार फिर अटक गई है। इसी सप्ताह यह डीपीआर खारिज हुई तो स्थानीय निवासियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए नाराजगी जताई।
रविवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी एनएमआरसी (नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोशन) के सेक्टर-71 स्थित अंतिम पिलर के पास प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने कहा ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए मेट्रो लाखों लोगों की जरूरत है।
केंद्र सरकार ने एनएमआरसी की एक्वा लाइन विस्तार परियोजना की संशोधित डीपीआर को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया है। अब नई सिरे से डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे परियोजना में और देरी हो गई है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 113 ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में रह रहे करीब पांच लाख की आबादी ने इस पर नाराजगी व्यक्त की है।
11 स्टेशन बनाने की थी योजना
क्षेत्र में यातायात जाम, रोजाना यात्रा की परेशानी और रियल एस्टेट की उम्मीदों को झटका दिया है। निवासी लंबे समय से मेट्रो कनेक्टिविटी की मांग कर रहे हैं। पहले प्रस्तावित रूट नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के नालेज पार्क-5 तक करीब 7.5 से 15 किलोमीटर लंबा था। इसमें 11 स्टेशन बनाने की योजना थी। बाद में रूट को छोटा कर पांच स्टेशन करने का विचार किया गया।
केंद्र ने स्वतंत्र रिपोर्ट की जगह पुरानी डीपीआर का हिस्सा मानते हुए इसे खारिज कर दिया। अब नई डीपीआर बनानी होगी, जिसमें समय और खर्च दोनों बढ़ सकते हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मेट्रो विस्तार की तुरंत मंजूरी और निर्माण शुरू करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। मेट्रो आएगी तो रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच बनेगी। निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन सार्वजनिक परिवहन नहीं होने से परेशानियां बढ़ रहीं हैं। कई संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार से जल्द हस्तक्षेप की अपील की है।
