नोएडा का मजदूर लड़का, अब सलाखों के पीछे: आतंकवाद निरोधक दस्ते की बड़ी कार्रवाई
नोएडा: कभी सड़कों पर ई-रिक्शा चलाने वाला और फिर पिता के साथ बेलदारी करने वाला लोकेश शर्मा आज सलाखों के पीछे है। उसकी जिंदगी में आए अचानक बदलाव ने जहां परिवार और गांव वालों को हैरान किया, वहीं अब जांच में सामने आया है कि वह राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल हो गया था।
ग्रामीणों के मुताबिक, नाबालिग होने के कारण पुलिस द्वारा ई-रिक्शा सीज किए जाने के बाद लोकेश ने अपने पिता और भाई के साथ बेलदारी का काम शुरू किया था। लेकिन बीते कुछ महीनों से वह काम पर जाने से कतराने लगा था। वह अक्सर कहता था कि बेलदारी करने में उसे शर्म आती है और दोस्त उसका मजाक उड़ाते हैं।
इसी मानसिकता और जल्दी पैसे कमाने की चाहत ने उसे एक खतरनाक रास्ते पर धकेल दिया।
सोशल मीडिया के जरिए फंसा जाल
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड साकिब है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से गरीब और मजदूर युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। पैसों का लालच देकर उन्हें संवेदनशील जानकारियां जुटाने और देशविरोधी गतिविधियों में शामिल किया जाता था। लोकेश को रेलवे से जुड़ी अहम सूचनाएं इकट्ठा करने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने का जिम्मा दिया गया था।
रेलवे पर हमले और आगजनी की साजिश
एटीएस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह रेलवे सिग्नल बॉक्स को नुकसान पहुंचाने, गैस सिलेंडरों से भरे ट्रकों में आग लगाने और प्रमुख प्रतिष्ठानों की रेकी करने जैसी बड़ी साजिशों पर काम कर रहा था।
बताया जा रहा है कि लोकेश और उसके साथियों ने कुछ छोटी आगजनी की घटनाओं को अंजाम भी दिया था और उनके वीडियो बनाकर विदेशी आकाओं से मोटी रकम वसूलने की कोशिश की थी।
एटीएस की कार्रवाई, चार आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने लोकेश समेत चार लोगों को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। इन पर पाकिस्तानी आकाओं के निर्देश पर काम करने, रेलवे के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने और कई शहरों में रेकी करने के आरोप हैं।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
