गैस सिलेंडर की किल्लत पर सीएम योगी का बड़ा बयान, अफवाहों से सावधान रहने की अपील
यूपी में गैस एजेंसियों पर लग रहीं लंबी-लंबी लाइनों और सिलेंडर की किल्ल्त पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है। गोरखपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए आमजन को सतर्क रहना चाहिए और जरूरत होने पर ही पेट्रोल-डीजल खरीदना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ईरान-इजराइल युद्ध लंबा खिंचता है तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा, ऐसे में हमें मानसिक रूप से तैयार रहना होगा और अफवाहों से दूर रहना होगा।
घर-घर होगी गैस की होम डिलीवरी
सीएम ने कहा कि अनावश्यक रूप से पेट्रोल-डीजल या रसोई गैस की खरीद से बचना चाहिए। पहले एक सिलिंडर महीना भर चलता था, लेकिन अब लोग कुछ ही दिनों में नया सिलिंडर लेने पहुंच रहे हैं, जो उचित नहीं है। उन्होंने होम डिलीवरी की सुविधा अपनाने की भी सलाह दी। योगी ने कहा कि देश के हित में सरकार ने कोई कदम उठाया है तो हम लोग उसके लिए अपने आप को तैयार करें।
मुख्यमंत्री गुरूवार को गीडा में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के गोरखपुर केंद्र के लोकार्पण के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह आईटी पार्क स्टार्टअप्स के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा, जहां युवाओं को जगह, बिजली और बुनियादी सुविधाओं की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
बीते 11 सालों में यूपी में 20 हजार से ज्यादा स्टार्टअप
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में अपार प्रतिभा है और जब इसे तकनीक से जोड़ा जाता है तो यह तेजी से आगे बढ़ती है। 2014 के बाद देश में हर क्षेत्र में बदलाव आया है और अब युवाओं को अपने स्टार्टअप के लिए बेहतर माहौल मिल रहा है। पिछले 11 वर्षों में जिस स्टार्टअप संस्कृति को आगे बढ़ाया है, उसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश में 20,000 से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं। अब केवल हार्डवेयर में ही नहीं बल्कि सॉफ्टवेयर में भी पूर्वी उत्तर प्रदेश का युवा अपनी प्रतिभा का परिचय वैश्विक मंच पर देने में सफल होगा। गोरखपुर में पहली बार प्लग एंड प्ले मोड पर युवाओं को स्टार्टअप के लिए एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध हुआ है। 15 अप्रैल को पूर्वी यूपी के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ भी किया जाएगा।
विश्व बैंक के साथ एग्रोटेक पर काम कर रहे
सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। एमएमएमयूटी को ग्रीन हाइड्रोजन पर केंद्र दिया गया है, जबकि कानपुर में लेदर और ड्रोन टेक्नोलॉजी पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक पर जोर दिया जा रहा है और इस दिशा में जापान के साथ सहयोग की योजना है। हम विश्व बैंक के साथ मिलकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के 28 जनपदों और बुंदेलखंड के 7 जनपदों में एग्रीटेक पर काम कर रहे हैं
