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UP सरकार की AI डील पर सियासी संग्राम: Puch-AI की क्षमता पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा AI स्टार्टअप Puch-AI के साथ 25,000 करोड़ रुपये के MoU पर सियासी बवाल खड़ा हो गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस समझौते की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की थी, जिसके बाद कंपनी की वित्तीय स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे. बताया गया कि जिस कंपनी के साथ हजारों करोड़ का समझौता किया गया है, उसका सालाना रेवेन्यू 50 लाख रुपये से भी कम है और वह महज एक साल पुराना स्टार्टअप है. सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसको लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया. जिसके बाद सरकार को स्पष्टीकरण देना पड़ गया.

दरअसल, जिस कंपनी Puch-AI का जिक्र मुख्यमंत्री ने पोस्ट में करते हुए उसके साथ 25 हजार करोड़ के MoU की बात कही थी. उस कंपनी का पिछले साल का कुल रेवेन्यू ही पचास लाख रुपये के अंदर निकला. ऐसे में समाजवादी पार्टी के ऑफिसियल सोशल मीडिया हैंडल एक्स से इस पर करारा तंज कसा गया. सपा ने सवाल उठाया की, कैसे एक ऐसी कंपनी से 25000 करोड़ का MoU किया जा सकता है जो केवल एक साल पुराना स्टार्टअप है, चार सौ करोड़ जिसका वर्थ है और बीते वित्तीय वर्ष में जिसका एन्युअल रेवन्यू पैतालीस लाख से भी कम रहा. यूजर्स ने इस पोस्ट पर रिएलिटी बताते हुए कई कमेंट्स कि हैं. कुल मिला कर CM योगी का ये पोस्ट कुछ इस तरह वायरल हुआ कि वो ट्रोल हो गए.

विपक्ष ने साधा निशाना

समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से इस मुद्दे पर तंज कसते हुए MoU की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए. पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के अधिकांश MoU केवल कागजों तक सीमित रहते हैं और जमीनी स्तर पर उनका असर नहीं दिखता. वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने भी Puch-AI की वास्तविकता को रिपोस्ट किया. इसके अलावा कुछ सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स ने तो इस पर वीडियो तक बना डाले.

विवाद बढ़ने पर सरकार ने दी सफाई

विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि यह MoU प्रारंभिक स्तर का है और इसे Invest UP द्वारा संभावनाओं की जांच के लिए साइन किया गया है.

उन्होंने कहा कि MoU बाध्यकारी नहीं होता और आगे की प्रक्रिया विस्तृत ड्यू डिलिजेंस और मूल्यांकन पर निर्भर करेगी. सरकार के अनुसार, यदि निवेशक तय शर्तों को पूरा नहीं करता, तो MoU स्वतः समाप्त कर दिया जाएगा.

कंपनी ने रखा पक्ष

बताया जा रहा है कि इस पूरे सियासी विवाद के बीच Puch-AI के को-फाउंडर सिद्धार्थ भाटिया ने एक्स के जरिए सफाई देते हुए कहा कि कंपनी AI सेक्टर में बड़े स्तर पर काम करने की दिशा में आगे बढ़ रही है और उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाएं तलाश रही है. इस पर काम जारी है. वहीं इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस जारी है. जहां एक ओर विपक्ष और कई यूजर्स सरकार के दावों पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे निवेश आकर्षित करने की शुरुआती प्रक्रिया बता रहे हैं.

कौन है Puch AI का मालिक?

जानकारी के मुताबिक, Puch AI वॉट्सऐप पर चलने वाला एक चैटबॉट टूल है. भारत की भाषाओं पर काम करने वाला यह टूल वॉइस बेस्ड है. इसके जरिए आप वॉट्सऐप पर ही AI का इस्तेमाल कर सकते हैं और उससे कुछ भी पूछ सकते हैं. सिद्धार्थ भाटिया और अर्जित जैन मिलकर इस कंपनी को चलाते हैं. सोशल मीडिया प्रोफाइल के मुताबिक, अर्जित जैन ने आईआईटी बॉम्बे और सिद्धार्थ भाटिया ने सिंगापुर से पढ़ाई की है. इसी साल 13 जनवरी को सिद्धार्थ भाटिया ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी की थी.

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