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हरियाणा में भूमि और पुलिस सुधार: 5 महत्वपूर्ण विधेयक पारित, शहरी जमीन विनिमय और पुलिस शिकायत प्रणाली में बड़े बदलाव

चंडीगढ़। हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में अब जमीन की अदला-बदली के लिए भी सरकार से मंजूरी लेनी पड़ेगी। राज्य और जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण अदालत या किसी आयोग के समक्ष विचाराधीन मामलों की सुनवाई नहीं कर सकेंगे।

हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन बुधवार को पांच विधेयक पारित कर दिए गए। इनमें हरियाणा विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2026, हरियाणा पुलिस (संशोधन) विधेयक 2026, हरियाणा राजकोषीय उत्तरदायित्व तथा बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2026, हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) विधेयक 2026 और हरियाणा परियोजना भूमि समेकन (विशेष उपबंध) संशोधन विधेयक 2026 शामिल हैं।

हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) अधिनियम के तहत शहरों से लगते अधिसूचित क्षेत्रों में अवैध कालोनियों पर अंकुश लगाने और सस्ती जमीन देकर महंगी जमीन लेने का फर्जीवाड़ा खत्म करने के लिए धारा 7-ए में संशोधन किया गया है। नए कानून से एक एकड़ से कम भूमि को बदलने के लिए भी नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक या सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी। संशोधित कानून 30 जनवरी से लागू होगा, जिसमें धारा 7-ए में पट्टे के बाद या विनिमय विलेख शब्द जोड़ा गया है।

हरियाणा पुलिस (संशोधन) विधेयक के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि राज्य और जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण अदालत या किसी आयोग के समक्ष विचाराधीन मामलों की सुनवाई नहीं कर सकेंगे। प्राधिकरण को किसी भी शिकायत के छह महीने के अंदर कार्रवाई पूरी करना अनिवार्य रहेगा।

राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को डीएसपी या इससे बड़े रैंक के पुलिस अधिकारी के खिलाफ मानवाधिकार आयोग की संस्तुति, पीड़ित के शपथपत्र, पुलिस हिरासत में मृत्यु, दुष्कर्म या दुष्कर्म का प्रयास, गैर कानूनी रूप से हिरासत में रखने, प्रताड़ित करके संपत्ति जुटाने या संगठित अपराध के मामलों में जांच का अधिकार दिया गया है। इसी तरह जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण को इंस्पेक्टर रैंक तक के पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत की जांच का अधिकार है।

हरियाणा विनियोग (संख्या 2) विधेयक के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान सेवाओं के लिए हरियाणा राज्य की संचित निधि में से दो लाख 79 हजार 602 करोड़ रुपये के भुगतान और विनियोग का प्राधिकार दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा गारंटी प्रदान करने हेतु सीमा निर्धारित करने के लिए हरियाणा राजकोषीय उत्तरदायित्व तथा बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक पारित किया गया है।

हरियाणा परियोजना भूमि समेकन (विशेष उपबंध) संशोधन विधेयक का उद्देश्य किसी परियोजना को स्थापित करने की वजह से रह गए भू-खंडों को समेकित करने तथा उससे संबंधित या उससे अनुवांशिक मामलों के लिए विशेष उपबंध करना है।

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