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पंजाब में निवेश का नया दौर: भगवंत सिंह मान ने सम्मेलन में उद्योगपतियों का भरोसा जीता

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा प्लाक्शा यूनिवर्सिटी में आयोजित तीन दिवसीय प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन को निवेशकों से भरपूर और सकारात्मक समर्थन मिला।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए नाहर ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के चेयरमैन कमल ओसवाल ने कहा कि तीन दिनों के इस निवेशक सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब एक बार फिर उद्योग, निवेश और विकास के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन ने दिखाया है कि देश के प्रमुख औद्योगिक घरानों द्वारा महत्वपूर्ण निवेश घोषणाओं के साथ पंजाब एक आकर्षक निवेश और औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान घोषित निवेश प्रस्तावों से पंजाब में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब पंजाब के औद्योगिक विकास की गति धीमी पड़ गई थी और उद्योग राज्य से बाहर जाने की सोच रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य में भरोसे का वातावरण बना है और निवेश-अनुकूल माहौल को फिर से जीवंत किया गया है। उन्होंने कहा कि निवेशक एक बार फिर पंजाब की ओर देख रहे हैं और राज्य देश के औद्योगिक राज्यों में अपना सम्मानजनक स्थान फिर से हासिल करेगा। कमल ओसवाल ने मोहाली में डेटा सेंटर स्थापित करने के अलावा मौजूदा इकाइयों, टेक्सटाइल और नवीकरणीय ऊर्जा के आधुनिकीकरण में 1500 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा भी की।
अरिसुदाना इंडस्ट्रीज़ के एम.डी. गगन खन्ना ने उद्योग के लिए निरंतर और प्रोत्साहनपूर्ण सहयोग के लिए पंजाब सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पंजाब जल्द ही औद्योगिक विकास में तेज़ी देखेगा और देश का नंबर एक औद्योगिक राज्य बन जाएगा।
टाइनर के एम.डी. पी.जे. सिंह ने प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन को निवेश के अवसरों को सामने लाने के लिए एक उपयुक्त मंच बताया। उन्होंने निराशा के दौर से गुजर रहे पंजाब को फिर से प्रगति के मार्ग पर लाने के लिए किए गए प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता की सराहना की जानी चाहिए क्योंकि वह उद्योगों के मुद्दों और समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा उपलब्ध रहती है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि पंजाब सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को देखते हुए कंपनी अगले तीन वर्षों में 1000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिसका लक्ष्य 100 देशों में नंबर एक कंपनी बनना है। उन्होंने कहा कि यह हाल के समय के सबसे बेहतर और संतोषजनक सम्मेलनों में से एक था।
प्लाक्शा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. रुद्र प्रताप ने अपने संबोधन में कहा कि प्लाक्षा में व्यापारिक और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों का एक साथ मिलना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बनाने के लिए पहले ही 950 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। उन्होंने मानव संसाधन और बौद्धिक पूंजी को प्रोत्साहित करने के लिए विश्वविद्यालय में 5000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की योजनाओं की भी घोषणा की, जिससे पंजाब को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और उद्यम का केंद्र बनाया जा सके।
सनातन पॉलीकोट के संयुक्त प्रबंध निदेशक अजय दतानी ने कहा कि तीन दिनों के इस असाधारण कार्यक्रम ने राज्य में उद्योग को और मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार की सुविचारित योजना और प्रतिबद्धता को दर्शाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब औद्योगिक निवेश के लिए सबसे विश्वसनीय स्थानों में से एक बनकर उभर रहा है, क्योंकि यह न केवल निवेश आकर्षित कर रहा है बल्कि राज्य, राष्ट्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए उद्योग को अधिक सक्षम बनाने में भी योगदान दे रहा है।
इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए शिंगोरा टेक्सटाइल्स के अमित जैन ने पंजाब के आर्थिक विकास को तेज़ करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के उद्योग और व्यापारिक वातावरण में नई ऊर्जा और आशावाद पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्ट पंजाब बड़े पैमाने पर निवेशकों को आकर्षित कर रहा है और वे पंजाब को विकास की नई मंज़िल के रूप में देख रहे हैं। इस सम्मेलन ने पंजाब में औद्योगिक विकास के अगले चरण पर मुहर लगा दी है।
डी.ई. ह्यूजेस एनिमल न्यूट्रिशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के रटगर ओडेजांस, जो डच नागरिक हैं और इन दिनों पंजाब में रह रहे हैं, ने कहा कि कंपनी किसानों की सहायता और कृषि को मजबूत करने के मिशन पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी 23 देशों में 120 फ़ीड मिलों के माध्यम से दुनिया भर में 16 मिलियन मीट्रिक टन फ़ीड का उत्पादन करती है। उन्होंने कहा कि पंजाब डेयरी का केंद्र है और श्वेत क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए कृषि नवाचार में अहम स्थान रखता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के पास अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा और संपर्क व्यवस्था है जो इसे पड़ोसी राज्यों से अलग बनाती है। इसके साथ ही यहाँ के लोग प्रगतिशील हैं और नई चीजें सीखने की इच्छा रखते हैं, इसी कारण कंपनी ने पंजाब को चुना है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन आने वाले समय में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
गंगा एक्रोवूल्स लिमिटेड के अमित थापर ने कहा कि चार साल पहले उद्योग को सी.एल.यू. और नक्शा अनुमोदन में देरी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब पंजाब के अनुकूल माहौल, मजबूत बुनियादी ढांचे और व्यवसाय करने में आसानी को देखते हुए कंपनी ने यहाँ 750 करोड़ रुपये का निवेश करने का निर्णय लिया, जबकि पहले वे केवल 250 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रहे थे।
यानमार इंडिया के एमडी वरुण खन्ना ने पंजाब सरकार द्वारा इस शानदार आयोजन की सराहना की, जिसने राज्य की नई गति को प्रदर्शित किया। उन्होंने सरकार के प्रगतिशील दृष्टिकोण की प्रशंसा की, जिसने पंजाब के औद्योगिक वातावरण को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने कहा कि पहले पंजाब अपनी गतिशील भावना के लिए जाना जाता था, लेकिन बाद में एक धारणा बन गई थी कि यहाँ कुछ गलत है, जिससे निवेशकों के हित प्रभावित हुए।
अब पंजाब के वातावरण में वही पुरानी ऊर्जा वापस आ गई है, जिससे निवेशकों का विश्वास भी फिर से बहाल हो रहा है और राज्य का औद्योगिक मंच एक बार फिर मजबूत होकर सामने आया है। उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बनने के साथ-साथ व्यवसायियों का विश्वास, सुरक्षा और भरोसा भी पुनः स्थापित हुआ है। पंजाब की प्रसिद्ध गर्मजोशी भरी मेहमाननवाज़ी का माहौल भी फिर से दिखाई देने लगा है, जिसने वास्तव में एक सकारात्मक वातावरण बनाया है।
विब्रा कास्टिक के अध्यक्ष और हेड ऑफ ऑपरेशन्स जगमिंदर सिंह बावा ने बताया कि कंपनी पिछले 27 वर्षों से पंजाब में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सराहनीय है कि पंजाब सरकार ने कंपनी को सभी आवश्यक सीएलयू और अन्य अनुमतियों के साथ आवश्यक भूमि उपलब्ध करवाई। इसके कारण कंपनी मोरिंडा से 20 से अधिक देशों में ऑटोमोटिव पार्ट्स का निर्यात कर रही है। उन्होंने कहा कि वे मोहाली को ऑटोमोबाइल उद्योग का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार उद्योगों को समय पर परियोजनाएँ पूरी करने के लिए व्यापक सहयोग देती है। केवल एक सप्ताह के भीतर स्थापना और संचालन की स्वीकृति मिलने के बाद कंपनी ने मात्र 18 महीनों में चार लाख वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में फैला शेड तैयार कर लिया। उन्होंने कहा कि टीम इन्वेस्ट पंजाब राज्य में उद्योग स्थापित करने में व्यापक सहायता प्रदान कर रही है।
वर्बियो इंडिया के एमडी अशिष कुमार ने कहा कि कंपनी ने पंजाब में पूरी तरह धान की पराली पर आधारित एक इकाई स्थापित की है, जो प्रतिदिन 33 टन कंपरैसड बायोगैस उत्पादन क्षमता वाला देश का सबसे बड़ा संयंत्र है। उन्होंने कहा कि कंपनी के सबसे बड़े हिस्सेदार पंजाब के किसान और बायोमास आपूर्तिकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि वे पंजाब सरकार और इन्वेस्ट पंजाब के सहयोग से शुरुआत से ही सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी लगभग 3000 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च से पंजाब में कम से कम दस और औद्योगिक स्तर के संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि कंपनी तीन बड़े साझेदारों का एक समूह स्थापित करेगी, जिसकी घोषणा अगले महीने जापानी कंपनी वर्बियो और भारतीय साझेदारों के सहयोग से की जाएगी।

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