गौतम बुद्ध नगर में लोकतंत्र की पुकार: पंचायत और नगरीय चुनाव की बहाली को लेकर जनआवाज तेज |
नोएडा। नोएडा सेक्टर 56 स्थित सामुदायिक भवन में रविवार को राष्ट्रीय देहात मोर्चा की ओर से एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें गौतम बुद्ध नगर में तत्काल पंचायत और नगरीय चुनाव कराए जाने की जोरदार मांग उठी। वक्ताओं ने कहा कि यह जिला उत्तर प्रदेश का अकेला इलाका है जहां वर्षों से चुनाव नहीं कराए गए हैं, जबकि यह जनता के संवैधानिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे देहात मोर्चा अध्यक्ष राव संजय भाटी ने कहा कि पंचायत और नगरीय चुनावों की अनुपस्थिति से गांवों और सेक्टरों में विकास कार्य बेहद प्रभावित हुए हैं। न तो स्थानीय सुविधाएं व्यवस्थित हैं, न ही समस्याओं पर आवाज उठाने के लिए चुनिंदा प्रतिनिधि मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि नोएडा में भी दिल्ली की तरह निगम चुनाव होना जरूरी है और इसके लिए गांव व सेक्टर स्तर पर एकजुटता के साथ आंदोलन खड़ा किया जाना चाहिए।
एडवोकेट महेंद्र अवाना ने कहा कि पंचायत चुनाव न होने से ग्रामीण जनजीवन पर प्रतिकूल असर पड़ा है। करीब 60 प्रतिशत आबादी निर्णय प्रक्रिया से बाहर हो गई है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा ग्रामीण संपत्तियों, जैसे बारातघरों की देखरेख और बुकिंग अधिकार भी लोगों से छीन लिए गए हैं, जो पूरी तरह अनुचित है।
राजकुमार मोरना ने जानकारी दी कि वर्ष 2010 के बाद से पंचायत चुनाव ठप हैं और यह स्थिति लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों से जनता को जवाब मांगना चाहिए, क्योंकि चुनावी वादों में पंचायत चुनाव की बात तो होती है, परंतु बाद में उसे भुला दिया जाता है। पंकज अवाना ने कहा कि लंबे समय तक चुनाव न होने से ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में असंतोष बढ़ रहा है और गांव-देहात के मुद्दे पीछे छूटते जा रहे हैं।
देवेंद्र अवाना ने सुझाव दिया कि गांवों और सेक्टरों में जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाए। उनके अनुसार लोकतंत्र में जनता की भागीदारी ही उसकी असली ताकत है, और प्रशासन को यह अधिकार वापस जनता को सौंपना होगा। विचार गोष्ठी के अंत में संजय मावी ने कहा कि पंचायत और नगरीय चुनाव कराना सरकार की जिम्मेदारी है। इस दिशा में एक सामूहिक संघर्ष और बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान की जरूरत है।
