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Nuclear Safe country: जानें क्या है इनकी खास प्लानिंग, अगर दुनिया पर हुआ परमाणु हमला तो सबसे सुरक्षित रहेंगे ये देश

विश्व में बढ़ते तनाव और परमाणु हथियारों की दौड़ ने एक बार फिर वैश्विक सुरक्षा को लेकर अलार्म बजा दिया है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पर भूमिगत परमाणु परीक्षण का आरोप लगाया, वहीं रूस ने अपनी ब्यूरवेस्टनिक और पोसाइडन मिसाइलों का परीक्षण किया। जवाब में ट्रंप ने पेंटागन को परमाणु परीक्षण कार्यक्रम फिर से शुरू करने का आदेश दे दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कोई बड़े स्तर पर परमाणु संघर्ष हुआ, तो कौन से देश सुरक्षित रह सकते हैं और क्यों?

आइए जानते हैं दुनिया के उन देशों के बारे में, जो भौगोलिक, राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से सबसे ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं।

न्यूज़ीलैंड
न्यूज़ीलैंड का भौगोलिक अलगाव और कम जनसंख्या इसे परमाणु हमले का कम संभावित लक्ष्य बनाते हैं। यह देश बड़े युद्धों में कभी शामिल नहीं हुआ और वैश्विक शांति सूचकांक में लगातार शीर्ष पर है। पहाड़ी इलाकों और सीमित जनसंख्या घनत्व की वजह से यह देश महाप्रलय के समय सुरक्षित रह सकता है।

ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड की तरह, दक्षिणी गोलार्ध में स्थित है। हालांकि इसके राजनीतिक रिश्ते अमेरिका और यूके के साथ इसे संभावित खतरे में डाल सकते हैं, लेकिन विशाल भूगोल, कृषि संसाधन और आंतरिक क्षेत्र इसे युद्धोत्तर दुनिया में जीवित रहने और पुनर्निर्माण के लिए सक्षम बनाते हैं।

इंडोनेशिया
इंडोनेशिया की तटस्थ विदेश नीति और बड़े द्वीप समूह भूगोल इसे वैश्विक युद्धों से दूर रखने में मदद करता है। यह देश कभी भी किसी प्रमुख सैन्य गठबंधन का हिस्सा नहीं रहा, जिससे यह संभावित परमाणु हमले का प्राथमिक लक्ष्य नहीं बनता। द्वीपों की दूरी और वितरित भूगोल यहां की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भूटान
हिमालय की गोद में स्थित भूटान प्राकृतिक रूप से सुरक्षित माना जाता है। इसकी ऊंचाई और कठिन भौगोलिक स्थिति किसी भी बाहरी हमले को रोकने में कारगर है। 1971 में संयुक्त राष्ट्र में शामिल होने के बाद भूटान ने हमेशा शांति, अहिंसा और न्यूनतम विदेशी हस्तक्षेप की नीति अपनाई है, जिससे यह परमाणु युद्ध के दौरान सुरक्षित रह सकता है।

स्विट्जरलैंड
स्विट्जरलैंड को अक्सर विश्व का सबसे सुरक्षित देश कहा जाता है। इसकी तटस्थ विदेश नीति, अत्याधुनिक नागरिक सुरक्षा प्रणाली और विशाल भूमिगत बंकर इसे परमाणु हमले से बचाने में सक्षम बनाते हैं। देश में रेडिएशन सेंटर, खाद्य भंडार और विस्तृत आपातकालीन प्रोटोकॉल तैयार हैं, जो पूरी आबादी को आश्रय देने के लिए पर्याप्त हैं।

आइसलैंड
उत्तरी अटलांटिक में बसा आइसलैंड, अपनी भौगोलिक अलगाव और तटस्थ राजनीति के कारण परमाणु खतरे से सबसे सुरक्षित देशों में गिना जाता है। इसकी कम जनसंख्या और सैन्य गठबंधनों का अभाव इसे किसी भी बड़े वैश्विक संघर्ष से बचाने में सहायक हैं। इन देशों का साझा गुण है राजनीतिक तटस्थता, भौगोलिक अलगाव और मजबूत नागरिक ढांचा, जो उन्हें संभावित वैश्विक परमाणु संघर्ष में जीवित रहने और सुरक्षा बनाए रखने में मदद करता है। ऐसे देशों के अनुभव हमें यह भी दिखाते हैं कि सुरक्षा सिर्फ हथियारों में नहीं, बल्कि रणनीति, तैयारी और भूगोल में भी है।

NEWS SOURCE Credit :punjabkesari

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