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Explainer: PM मोदी के सरप्राइज ने भी चौंकाया, गुजरात की सियासत में 1995 के बाद घटी ये घटना

गांधीनगर: गुजरात में भूपेंद्र पटेल की सरकार है लेकिन उनके कैबिनेट का विस्तार किया गया है। इस कैबिनेट विस्तार की चर्चा काफी समय से हो रही थी। ये तय माना जा रहा था कि कुछ मंत्रियों के नाम कटेंगे और कई विधायकों को मौका मिलेगा। लेकिन जब विस्तार हुआ तो कुछ की जगह कई मौजूदा मंत्रियों के नाम कट गए और कई की जगह कई सारे विधायकों को मंत्री बनने का मौका मिल गया। लेकिन ये सब जिस तरह हुआ, वो प्रक्रिया बड़ी रोचक थी।

पीएम मोदी के सरप्राइज ने चौंकाया

गुरुवार शाम सभी मौजूदा मंत्रियों के एक साथ इस्तीफे लिए गए। पत्रकारों की काइट फ्लाइंग और तेज हो गई लेकिन कोई भी साफ-साफ ये नहीं देख पाया कि शुक्रवार को महात्मा मंदिर में होने वाली शपथ विधि में पीएम मोदी की तरफ से क्या सरप्राइज आने वाला है।

सब यही बोल रहे थे कि जरूर कुछ बड़ा होने वाला है, लेकिन क्या? किसी को अंदाजा भी नहीं था कि गुजरात को एक नया उपमुख्यमंत्री भी मिल सकता है। लेकिन ये किसी जाति विशेष की ताकत के आधार पर नहीं हुआ बल्कि अपनी क्षमता और प्रदर्शन के बल पर हुआ।

हर्ष सांघवी ने कम उम्र में किया कमाल

हर्ष सांघवी अपने द्वारा लिए जाने वाले त्वरित फैसलों और उनके क्रियान्वन की वजह से लगातार सुर्खियों में बने रहे और रिजल्ट भी देते रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी आदत के अनुसार परफॉर्मर को पुरस्कृत भी किया और राज्य मंत्री से सीधे उपमुख्यमंत्री बना दिया। 40 साल के हर्ष सांघवी 1993 में 38 साल की उम्र में गुजरात के उपमुख्यमंत्री बने।

नरहरि अमीन के बाद हर्ष सांघवी सबसे कम उम्र में डिप्टी सीएम बने हैं। हर्ष सांघवी के प्रमोशन से प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि परफॉर्म करोगे तो स्काई इज द लिमिट, नहीं तो विजय रूपाणी को हटाने के साथ पूरे मंत्रिमंडल को भी घर वापस भेजने के उदाहरण हमारे सामने हैं। विजय रुपाणी को माइनॉरिटी कम्युनिटी के होने के बावजूद पाटीदार आंदोलन के प्रेशर के बीच गुजरात की कमान सौंपी गई थी।

प्रफुल पंसेरिया को भी स्वतंत्र प्रभार, बाकी को वॉर्निंग के साथ मौका

सांघवी के साथ-साथ प्रफुल पंसेरिया को भी स्वतंत्र प्रभार मिला, यानी उन्होंने भी खुद को कसौटी पर कुछ हद तक खरा साबित किया। बाकी चार मंत्रियों को ऐसा लगता है कि वार्निंग के साथ दोबारा मौका दिया गया है।

यही वजह है कि उनसे महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो ले लिए गए हैं और हर्ष सांघवी को ना सिर्फ उपमुख्यमंत्री बनाया गया बल्कि सबसे महत्वपूर्ण गृह विभाग का कैबिनेट रैंक भी दिया गया। इसके साथ वो पर्यटन, उद्योग, कानून तथा युवा एवं सांस्कृतिक विभाग भी उनके पास रहेगा।

1995 से अब तक पहली बार हुआ ऐसा

1995 से गुजरात में जब से बीजेपी सत्ता में आई, तब से सबसे पावरफुल गृह विभाग का कैबिनेट प्रभार पहली बार मुख्यमंत्री ने किसी और मंत्री को सौंपा है। 1993 में छबीलदास मेहता की सरकार में सीडी पटेल उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री के रूप में कार्यरत थे।

1995 में उनके हटने के करीब 30 साल बाद हर्ष सांघवी को ये जिम्मेदारी एक साथ मिली है। दिलचस्प बात ये है कि हर्ष सांघवी और सीडी पटेल दोनों दक्षिण गुजरात का प्रतिनिधित्व करते हैं और पड़ोसी जिलों से हैं।

बीजेपी गुजरात ने दिया ये मजबूत मैसेज

इस कैबिनेट विस्तार के जरिए गुजरात बीजेपी ने कई मैसेज एक साथ देने की कोशिश की है लेकिन कार्यकर्ताओं को प्रमुख तौर पर ये सन्देश देने की कोशिश की गई है कि पार्टी में कांग्रेस से आए नेताओं को प्रमुखता नहीं मिलेगी। इस कैबिनेट विस्तार से पहले से कैबिनेट में मौजूद कुंवरजी बावलिया के अलावा नए 19 मंत्रियों में से सिर्फ अर्जुन मोधवादिया को ही कैबिनेट में शामिल किया गया।

हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर, सीजे चावड़ा जैसे नेताओं को अभी वोटिंग में ही रखा गया है। शायद पार्टी की पूरी ट्रेनिंग अभी बाकी है।

इस मजेदार इत्तेफाक के बारे में भी जानिए

एक मजेदार इत्तेफाक और देखिए कि विजय रूपाणी की सरकार में जैन समुदाय का मुख्यमंत्री और पाटीदार समुदाय (नितिन पटेल) का उपमुख्यमंत्री था और भूपेंद्र पटेल की सरकार में पाटीदार समुदाय का मुख्यमंत्री और जैन समुदाय का उपमुख्यमंत्री है।

NEWS SOURCE Credit :indiatv

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