द ताज स्टोरी: क्या है ताजमहल के 22 बंद कमरों का रहस्य? ट्रेलर से छिड़ी नई बहस, मकबरा या मंदिर
साल की सबसे विवादित फिल्मों में से एक ‘द ताज स्टोरी’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। फिल्म में परेश रावल मुख्य भूमिका में हैं, जो ताजमहल के गाइड विष्णु दास का किरदार निभा रहे हैं। वे इस ऐतिहासिक स्मारक की उत्पत्ति पर सवाल उठाते हैं और इसके निर्माण की सच्चाई जानने के लिए डीएनए टेस्ट की मांग करते हैं। ‘द ताज स्टोरी’ अपने विवादित विषय के कारण रिलीज से पहले ही चर्चा में आ गई है। ट्रेलर में परेश रावल ताजमहल के नीचे छिपे 22 कमरों और वहां मौजूद चीजो पर सवाल उठाते नजर आते हैं।
ट्रेलर उठा रहा सवाल
ट्रेलर की शुरुआत एक हिंदू स्थानीय गाइड के रूप में परेश रावल के ताजमहल को अपना मंदिर कहने से होती है। इसके बाद वे सवाल करते हैं कि क्या यह स्मारक वास्तव में मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा बनवाया गया मकबरा है या एक प्राचीन मंदिर। मामला अदालत तक पहुंचता है, जहां रावल स्मारक का डीएनए परीक्षण कराने की मांग करते हैं ताकि इस पर सटीक जानकारी मिल सके। ट्रेलर में अभिनेता ज़ाकिर हुसैन भी नजर आते हैं, जिनके बीच तनावपूर्ण संवाद दिखाए गए हैं, जो पूर्वाग्रह और मान्यताओं पर सवाल उठाते हैं।
ट्रेलर में दिखी शिव की झलक
यूट्यूब पर फिल्म की लॉगलाइन में लिखा है, ‘संगमरमर की दीवारों के पीछे एक ऐसी कहानी छिपी है जिसे इतिहास बताना भूल गया… रहस्य, विवाद और राज की एक कहानी।’ ‘द ताज स्टोरी’ का सबसे बड़ा विवाद इसका पहला पोस्टर था, जिसमें परेश रावल को ताजमहल के गुंबद को उठाते हुए दिखाया गया था, जिसके नीचे भगवान शिव की आकृति नजर आ रही थी। निर्माताओं ने इसे एक प्रतीकात्मक दृश्य बताया, लेकिन इस पोस्टर ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कर दीं। कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया।
इस दिन रिलीज होगी फिल्म
पोस्टर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया। कई यूजर्स ने इस पर नाराजगी जताई। एक ने लिखा, ‘हे भगवान, परेश रावल से ऐसी उम्मीद नहीं थी,’ तो किसी ने कहा, ‘यह क्या बकवास है?’ कुछ लोगों ने फिल्म टीम पर विवाद पैदा करने का आरोप लगाया। एक यूजर ने लिखा, ‘आप बहुत सम्मानजनक थे, सर, चंद पैसों के लिए ये सब क्यों?’ बता दें, फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ 31 अक्टूबर को रिलीज होगी।
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