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बिहार चुनाव: दोनों गठबंधन में सिर फुटौव्वल क्यों?, तेजस्वी का तेज पड़ा मंद, अपने ही ‘घर के चिराग’ से लगी आग

बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर जहां राजनीतिक दल के उम्मीदवार नामांकन दर्ज कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कौन कहां से चुनाव लड़ेगा, इसे लेकर घमासान मचा है। एनडीए में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय होने के बाद भी नेताओं की नाराजगी सामने आ रही है। जदयू नेता ने तो नीतीश कुमार को खत लिखकर इस्तीफा देने की बात कही है। भाजपा के गिरिराज सिंह सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर आपत्ति जता रहे हैं और चिराग पासवान को मिली सीटों को लेकर नाखुश दिख रहे हैं। एनडीए और इंडिया ब्लॉक दोनों ही गठबंधनों में रार मचा है।

चिराग हुए मालामाल, मांझी-कुशवाहा मायूस

एक तरफ एनडीए में सीट शेयरिंग फॉर्मूला सामने आते ही बवाल मचा है तो वहीं इंडिया ब्लॉक में भी खींचतान चल रही है। एनडीए में सीट बंटवारे में 29 सीटें मिलने के बाद चिराग पासवान खुश हैं तो वहीं जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा मायूस दिख रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ महागठबंधन की बात करें तो फिलहाल सीटों का बंटवारा अब तक नहीं हुआ है लेकिन राजद के कथित फॉर्मूले पर कांग्रेस और मुकेश सहनी नाराज दिख रहे हैं। राजद की बात करें तो जानकारी के मुताबिक पार्टी के सुप्रीमो लालू यादव ने कुछ नेताओं को टिकट बांट दिया तो वहीं तेजस्वी ने सभी टिकट वापस ले लिया है।

एनडीए में किसे कितनी सीटें
बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई वाले एनडीए में जदयू और बीजेपी सहित पांच सहयोगी दल शामिल हैं। गठबंधन में हुए सीट बंटवारे में बीजेपी और जदयू को बराबर-बराबर यानी 101-101 सीटें मिलीं। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें, जीतन राम मांझी की हम को 6 सीटें और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम को 6 सीटें दी गई हैं। चिराग पासवान को 29 सीटें दिए जाने से जदयू खुश नहीं है, लेकिन कुशवाहा और मांझी भी छह-छह सीटों से संतुष्ट नहीं हैं। सीट शेयरिंग से पहले हम सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने 15 सीटों की मांग रखी थी, लेकिन उनके हिस्से में बस छह सीटें आई हैं। हालांकि, मांझी ने कहा कि मैं सीट बंटवारे के इस फैसले को स्वीकार करता हूं, लेकिन हम को कम सीटें देने से एनडीए को नुकसान पहुंच सकता है।

राजद कांग्रेस में खींचतान
वहीं इंडिया गठबंधन में शामिल राजद, कांग्रेस, वामदल और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी शामिल है। पिछले दो महीने से गठबंधन में बैठकों का दौर चल रहा है, लेकिन सीट शेयरिंग अभी तक फाइनल नहीं हुआ है। राजद और कांग्रेस में खींचतान इतनी बढ़ गई है कि तेजस्वी यादव दिल्ली गए और राहुल गांधी से मुलाकात तक नहीं की। कांग्रेस 61 सीटों की डिमांड पर अड़ी है तो वहीं राजद मन मुताबिक सीटें चाहती है। वीआईपी के साथ ही लेफ्ट और माले भी इस बार सीटों की डिमांड पिछले चुनाव से ज्यादा कर रहे हैं। इस वजह से अब तक महागठबंधन में बात नहीं बन पाई है। नामांकन में भी अब चार दिन ही बचे हैं, कई प्रत्याशी टिकट मिल जाने के बाद नामांकन कर रहे हैं तो वहीं जिन्हें टिकट नहीं मिला है वो आस लगाए बैठे हैं।

NEWS SOURCE Credit :indiatv

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