Rapid24news

Har Khabar Aap Tak

महापंचायत ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, DGP को हटाने की मांग: हरियाणा IPS आत्महत्या मामला

हरियाणा के सीनियर IPS वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामले को लेकर आज चंडीगढ़ में महापंचायत हुई. इसमें महापंचायत ने हरियाणा सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर DGP को नहीं हटाया गया तो आंदोलन उग्र किया जाएगा. बैठक में ये भी फैसला लिया गया कि कल से चंडीगढ़ के सभी सफाई कर्मचारी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने के विरोध में काम बंद कर देंगे.

IPS की पत्नी की मांग पर FIR में बदलाव

चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में दर्ज की गई FIR में SC/ST अधिनियम एक्ट की धारा में बदलाव किया है. अब SC/ST अधिनियम की धारा 3(1)(r) की जगह धारा 3(2)(V) लगाई गई है, जिसमें उम्रकैद के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है. मामले की जांच कर रही 6 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का नेतृत्व कर रहे चंडीगढ़ के IG पुष्पेंद्र कुमार ने इसकी पुष्टि की है. दिवंगत IPS कुमार की IAS पत्नी अमनीत ने इसकी मांग की थी.

छठे दिन भी पोस्टमॉर्टम पर नहीं बनी सहमति

छठे दिन भी पूरन कुमार के पोस्टमॉर्टम पर सहमति नहीं बना पाई है. परिवार का कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, वे पोस्टमॉर्टम नहीं कराएंगे. परिवार को मनाने के लिए सरकार से लेकर प्रशासनिक अमला तक जुटा हुआ है. ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार लगातार अमनीत से मुलाकात कर रहे हैं, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़ी हुई हैं. इसके चलते शव मार्च्यूरी में ही रखा हुआ है.

रोहतक SP पर गिरी गाज

गौरतलब है कि, हरियाणा सरकार ने आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड मामले में बड़ा ऐक्शन लिया है. राज्य सरकार ने शनिवार को रोहतक के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया का तबादला कर दिया गया है. सरकार ने नरेंद्र बिजारणिया की जगह सुरिंदर सिंह भोरिया को एसपी रोहतक नियुक्त किया है. वहीं अभी तक नरेंद्र बिजारणिया को पोस्टिंग नहीं दी गई है. यानि बात साफ़ है कि, यह ताबादला आनन फानन में सजा के तौर पर किया गया है. बता दें कि आईपीएश पूरण कुमार के सुसाइड नोट में बिजाराणिया का नाम भी था.

रोहतक के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया का तबादला

बता दें कि, 2001 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी वाई पूरन कुमार (52) ने मंगलवार को सेक्टर 11 स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. खुदकुशी से पहले उन्होंने एक नोट छोड़ा था. इस नोट में बिजारनिया सहित आठ वरिष्ठ पुलिसकर्मियों पर “जाति-आधारित भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और अत्याचार” का आरोप लगाया गया था.

NEWS SOURCE Credit :lalluram

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp