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राजस्थान सरकार ला रही योजना, 1 हजार स्टूडेंट्स को मिलेगा मौका,खाना-पीना भी होगा फ्री, डॉक्टर-इंजीनियर बनने की अब मिलेगी फ्री कोचिंग

अब न तो पैसे की कमी रोक पाएगी सपनों को, न ही हालात बनाएंगे रुकावट। राजस्थान सरकार ने राज्य के उन होनहार बच्चों के लिए एक ऐतिहासिक पहल की है, जो डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहते हैं लेकिन आर्थिक तंगी के कारण बड़े कोचिंग संस्थानों में पढ़ने का सपना नहीं देख पाते। सरकार अब ऐसे 1,000 मेधावी छात्रों को जेईई और नीट की कोचिंग मुफ्त में कराएगी—वो भी देश के नामी संस्थानों से। जयपुर में रहने, पढ़ने और खाने-पीने की सुविधा भी राज्य सरकार उठाएगी। इस योजना से हजारों परिवारों की उम्मीदों को नई उड़ान मिलेगी।

पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

राजस्थान सरकार ने राज्य के सरकारी और आरटीई के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन होनहार छात्रों के लिए एक बड़ी पहल की है। जिन छात्रों ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में बेहतरीन अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। कुल 1,000 छात्रों का चयन किया जाएगा, जिनकी IIT, JEE और NEET की कोचिंग सरकार अपने खर्च पर कराएगी। शिक्षा विभाग ने इस योजना का प्रस्ताव सरकार को भेजा था जिसे मंजूरी मिल चुकी है। अब केवल वित्त विभाग की अंतिम औपचारिकता बाकी है। योजना को लेकर कहा जा रहा है कि राजस्थान ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन सकता है।

हर साल 30 लाख स्टूडेंट्स करते हैं IIT, JEE और NEET की तैयारी 

30 लाख स्टूडेंट्स हर साल पूरे देश से होते है IIT, JEE और NEET में शामिल

2.5 लाख स्टूडेंट्स कोटा में रहकर करते है एग्जाम की तैयारी 

लगभग 4 लाख स्टूडेंट्स होते है पूरे राज्य से एग्जाम में शामिल

2024 में जारी IIT Madras की रिपोर्ट के मुताबिक पूरे देश में IIT, JEE और NEET की परीक्षा की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स की सबसे ज्यादा संख्या राजस्थान में है।

 

सरकार हर साल खर्च करेगी 2 लाख रुपए

सरकार प्रति छात्र सालाना ₹2 लाख खर्च करेगी। इस राशि में कोचिंग, हॉस्टल और भोजन की सुविधा शामिल होगी। योजना के तहत छात्रों को जयपुर के ही किसी नामी स्कूल में 11वीं में प्रवेश दिलवाया जाएगा ताकि वे कोचिंग के साथ-साथ नियमित स्कूली शिक्षा भी जारी रख सकें। इसके अलावा सरकार की ओर से छात्रों को कंप्यूटर एजुकेशन भी फ्री में दी जाएगी। जयपुर में रहकर तैयारी करने वाले इन छात्रों को सरकार हॉस्टल और भोजन की सुविधा भी देगी। शिक्षा विभाग पहले से संचालित लैपटॉप वितरण योजना के तहत इन चयनित छात्रों को प्राथमिकता देगा और अनुशंसा व मेरिट के आधार पर लैपटॉप भी उपलब्ध कराएगा।

नामी कोचिंग संस्थानों भी इस पर हो रही बातचीत

सरकार ने कोटा और सीकर के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों से प्रस्ताव मंगवाए हैं। हालांकि छात्रों को जयपुर में रखकर ही इन संस्थानों के सहयोग से तैयारी कराई जाएगी। पूरे देश से हर साल 30 लाख से ज्यादा छात्र जेईई और नीट परीक्षा में भाग लेते हैं। अकेले राजस्थान से 4 लाख छात्र इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं और कोटा में 2.5 लाख छात्र कोचिंग करते हैं। 2024 में जारी आईआईटी मद्रास की रिपोर्ट के अनुसार देश में सबसे ज्यादा जेईई-नीट की तैयारी करने वाले छात्र राजस्थान से होते हैं।

जहां हौसला हो बुलंद, वहां अब सरकार देगी उड़ान – फ्री कोचिंग, फ्री रहन-सहन!

योजना के प्रचार-प्रसार के लिए शिक्षा विभाग व्यापक अभियान चलाएगा। संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी स्कूलों से आवेदन लेंगे और छात्रों की सूची बनाकर शिक्षा निदेशालय को भेजेंगे। चयन उन्हीं स्कूलों से किया जाएगा जहां नामांकन कम है, जिससे नामांकन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। वित्त विभाग से स्वीकृति मिलते ही जयपुर में स्कूल, हॉस्टल और कोचिंग संस्थानों का अंतिम चयन कर लिया जाएगा। योजना को आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि हर होनहार छात्र को बेहतर अवसर मिले, भले ही वह आर्थिक रूप से कमजोर हो। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से एक समान योजना पहले से चल रही है, जिसमें पूरे देश से 3,500 छात्रों का चयन होता है, लेकिन वह केवल CBSE और CISCE बोर्ड के लिए सीमित है। जबकि राजस्थान की योजना राज्य बोर्ड सहित सभी योग्य छात्रों के लिए खुली रहेगी।

NEWS SOURCE : punjabkesari

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