Rapid24news

Har Khabar Aap Tak

मध्य-पूर्व की यात्रा में होंगे क्रांतिकारी बदलाव, 6 खाड़ी देशों के लिए भारत का जल्द मिलेगा एकीकृत पर्यटन वीजा

गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) मध्य पूर्व में यात्रा अनुभव को पूरी तरह बदलने के लिए एक एकीकृत पर्यटक वीज़ा लॉन्च करने की तैयारी में है। इसके तहत यात्रियों को केवल एक वीज़ा के साथ संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, क़तर, बहरीन, कुवैत और ओमान की यात्रा की अनुमति दी जा जाएगी। यह पहल यूरोप के शेंगेन वीज़ा मॉडल से प्रेरित है और खाड़ी देशों के बीच गहरे क्षेत्रीय एकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

2 साल पहले योजना को दी गई थी मंजूरी

यह वीज़ा योजना नवंबर 2023 में ओमान में आंतरिक मंत्रियों की बैठक में औपचारिक रूप से मंजूरी दी गई थी। GCC के महासचिव जासेम अल बुदईवी ने इसे सहयोग और दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरित उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, “यह एकीकृत वीज़ा हमारे नेताओं की एकजुटता और क्षेत्रीय सहयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

यूरोपीय शेंगेन जैसा यात्रा अनुभव

यह वीज़ा प्रणाली यूरोपीय संघ के शेंगेन वीज़ा की तरह काम करेगी, जिसमें पर्यटकों को हर देश के लिए अलग-अलग वीज़ा लेने की आवश्यकता नहीं होगी। एक ही आवेदन से सभी छह देशों में प्रवेश संभव होगा। यह वीज़ा 30 से 90 दिनों के लिए वैध होगा और केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा। हालांकि यह वीज़ा केवल पर्यटन और पारिवारिक यात्राओं के लिए मान्य होगा, लेकिन इससे हॉस्पिटैलिटी, एविएशन और रिटेल सेक्टर को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है।

आवेदन प्रक्रिया और ज़रूरी दस्तावेज़

GCC सचिवालय जल्द ही एक आधिकारिक पोर्टल लॉन्च करेगा, जहां यात्री दो विकल्पों में से एक चुन सकेंगे।

  • एक देश की यात्रा
  • सभी छह देशों की यात्रा

आवेदन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ों में शामिल होंगे

  • कम से कम 6 महीने वैध पासपोर्ट
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • ऑनलाइन आवेदन फ़ॉर्म
  • होटल बुकिंग या मेज़बान से आमंत्रण पत्र

यात्रा बीमा

  • पर्याप्त धनराशि का प्रमाण (जैसे बैंक स्टेटमेंट)
  • वापसी या आगे की यात्रा का टिकट
  • विज़ा शुल्क ऑनलाइन भुगतान करना होगा, और स्वीकृत वीज़ा ईमेल के माध्यम से भेजा जाएगा, जिसे प्रिंट या डिजिटल रूप में दिखाया जा सकेगा।

पर्यटन से आगे की रणनीति

हालांकि यह वीज़ा पर्यटन केंद्रित है, लेकिन इसका उद्देश्य क्षेत्रीय एकता, आर्थिक सहयोग और सामरिक मजबूती को भी बढ़ावा देना है। GCC इसे डिजिटल सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और साझा आर्थिक ज़ोन जैसे क्षेत्रों में समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानता है। GCC महासचिव अल बुदईवी ने कहा, “यह पहल केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है। यह क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करने, गतिशीलता सुधारने और वैश्विक चुनौतियों के बीच सामूहिक लचीलापन बढ़ाने की दिशा में है।”

NEWS SOURCE Credit :indiatv

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp