हरियाणा सरकार ने श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 35% तक बढ़ोतरी की, अप्रैल 2026 से लागू
पंचकूला। हरियाणा सरकार ने राज्य के अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और अति कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में चारों श्रेणियों के मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया। अकुशल मजदूरों की न्यूनतन मजदूरी को 11 हजार 257 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 15 हजार 220 रुपये मासिक किया गया है।
अर्धकुशल मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी अब 12 हजार 430 रुपये मासिक के स्थान पर 16 हजार 780 रुपये 74 पैसे मासिक होगी। कुशल मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी 13 हजार 704 रुपये मासिक के स्थान पर 18 हजार 500 रुपये 81 पैसे मासिक मिलेगी। अति कुशल श्रमिकों की मजदूरी में भी राज्य सरकार ने बढ़ोतरी की है। उनकी न्यूनतम मजदूरी 14 हजार 389 रुपये मासिक के स्थान पर 19 हजार 425 रुपये 85 पैसे मासिक निर्धारित की गई है। यह वृद्धि एक अप्रैल 2026 से लागू होगी।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि एक्सपर्ट कमेटी ने श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी के लिए रिपोर्ट दी थी, जिसे राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
न्यूनतम मजदूरी में 35 फीसदी तक बढ़ोतरी
इस पर शीघ्र ही निर्णय लेकर वर्ष 2026-27 में न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी लागू कर दी जाएगी। हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है, जो कि एक अप्रैल 2026 से लागू होगी। नई श्रम संहिताओं के बाद हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है, जहां श्रमिकों के वेतन में रिकार्ड वृद्धि हुई है।
श्रम मंत्री के अनुसार चार नई श्रम संहिताएं वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता 2020 के लागू होने के उपरांत हरियाणा ने अपने राज्य के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की दरों में भारी वृद्धि की है। इस ऐतिहासिक निर्णय से राज्य के लाखों श्रमिकों को लाभ मिलेगा। इन संहिताओं के लागू होने से देश के 29 पुराने और बिखरे हुए श्रम कानूनों का सरलीकरण और तर्कसंगत एकीकरण किया गया है।
